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कहीं नहीं हो रहा भ्रष्टाचार, सब सही है

7 वर्ष पहले
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रायगढ़।
शासन द्वारा सड़कों पर चलते वाहनों की जांच कर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने के लिए बनाया गया आरटीओ उड़नदस्ता अ‌वैध उगाही में मस्त है। संगठित भ्रष्टाचार के इस काम में 25 फीसदी शासकीय कर्मचारी हैं जबकि 75 फीसदी ठेके के लोग हैं। ओवरलोड चलाने के लिए वाहन की क्षमता के आधार पर 1200 से दो हजार रुपए का एक टोकन लेकर वाहन मालिक सारे टेंशनों से मुक्त हो जाता है। जिले में कहीं भी आरटीओ विभाग वाहन की जांच नहीं करेगा। हर महीने की शुरुआत में जारी किए जाने वाले इस टोकन को लेने के बाद वाहन का फिटनेस है या नहीं, चालक का ड्राइविंग लाइसेंस सही है या नहीं, टैक्स जमा किया गया है, किसी गलती पर कार्रवाई नहीं होगी। लगभग 80 फीसदी वाहनों को टोकन के जरिए एंट्री (ओवरलोड की अनुमति) दी जाती है। वहीं लगभग 20 फीसदी वाहनों पर चालान और टैक्स वसूला जाता है ताकि शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य को पूरा किया जा सके।

ड्राइवर को पाइंट पर ले गया, दस्ते का कर्मचारी आया, हो गया हिसाब ।
शासन के छह, ठेके के 20 लोग- शासनद्वारा एक प्रभारी के अलावा एक अधिकारी और चार सिपाहियों की पदस्थापना की गई है लेकिन पांच स्क्वायड के लिए लगभग 25 लोग उड़नदस्ता के लिए सड़कों पर वाहनों से वसूली करते हैं। ये लोग हर रोज या सप्ताह में एक दिन आरटीओ के उड़नदस्ता कार्यालय में हिसाब देते हैं। चेकपोस्ट के नजदीक लाठी या डंडा लेकर चार से पांच युवक होते हैं जो ठेके पर काम करते हैं।

जितना टारगेट है उससे कई गुना ज्यादा होती है वसूली
उड़नदस्ता प्रभारी अधिकारी पीएल ध्रुव के मुताबिक आरटीओ उड़नदस्ता का औसत मासिक राजस्व लक्ष्य 50 लाख रुपए होता है। इसके लिए विभाग की टीम पूरी मेहनत करती है। इसके विपरीत सच्चाई कुछ और है। रायगढ़ औद्योगिक जिला है, यहां उद्योगों में आने या जाने वाले वाहनों के साथ ही मुंबई कोलकाता मार्ग पर होने, उड़ीसा, झारखंड और यूपी से लगे होने के कारण महीने में हजारों वाहनों का आवाजाही होती है। जिले के अलग-अलग इलाकों में खड़ी होने वाली उड़नदस्ता की टीमें ओवरलोड अंडरलोड परिवहन के लिए एक निर्धारित शुल्क लेती है जिसके बाद वाहनों को इस पर कार्रवाई का टेंशन नहीं होता है। कुछ मिला कर ये पांचों टीमें लक्ष्य से कई गुना राशि वाहनों से वसूलते हैं जो भ्रष्टाचार की बात को पुष्ट करता है।
टोकन मतलब ... हो गया है जानते सब हैं, पर मानता कोई नहीं
आरटीओ उड़नदस्ते के खेल की जानकारी नेता, जनप्रतिनिधि, अधिकारी सभी को है पर सभी मौन हैं। सड़क पर खुलेआम वसूली करने के लिए बनाए गए पाइंट्स पर खड़े सरकारी कर्मचारी और ठेके के लठैत सरेआम उगाही करते हैं पर इस पर तो कोई शिकायत होती है और ही कार्रवाई की जाती है। जानकार मानते हैं कि यह संगठित अपराध सरकार की शह पर होता है। उड़नदस्ता में हर छह माह में नई टीम की पोस्टिंग होती है पर गोरखधंधे का तरीका वही होता है। इस मामले की कई बार शिकायत होती है लेकिन इस पर लगाम लगाने की बात सिर्फ औपचारिक होती है।
आरटीओ द्वारा महीने की शुरुआत में ट्रांसपोर्टर्स को टोकन दिए जाते हैं, भास्कर के रिपोर्टर ने एक वाहन चालक से टोकन लेकर उसका मतलब पूछा। फोटो में दिखाए गए टोकन पर वाहन क्रमांक लिख कर दिया जाता है। टोकन पर लिखे 9-14 को मतलब इस साल के सितंबर महीने के लिए कार्ड वैध है। एस-15 का अर्थ 15 टन की क्षमता वाले वाहन (दस चक्का वाहनों के लिए निर्धारित परिवहन क्षमता) के ओवरलोड (एस) परिवहन के लिए जारी किया गया कार्ड। आमतौर ऐसे टोकन ट्रांसपोर्टर्स के माध्यम से या चेकपोस्ट पर आरटीओ कर्मचारियों द्वारा सीधे तौर पर बेचे जाते हैं।

रायगढ़ आरटीओ उड़नदस्ता की टीम के पांच फ्लाइंग स्क्वायड हैं। सांगीतराई बाइपास, खरसिया-एडू रोड, पूंजीपथरा-तमनार रोड तिराहा, धरमजयगढ़-बाकारूमा बार्डर, सारंगढ़-सरसींवा रोड पांच स्थान हैं जहां आरटीओ उड़नदस्ता की टीम उगाही करती है। इसके उलट उड़नदस्ता को नियमानुसार कार्रवाई करने वाला दल बताते हुए प्रभारी अधिकारी ध्रुव ने सिर्फ रेंगालपाली में एक चेकपोस्ट होने की बात कही है।

स्थान- कोतरारोड, सुभाष नगर, एमआईजी 5 आरटीओ उड़नदस्ता का अस्थायी दफ्तर, समय दोपहर 12 बजे
जिन्हें पहचानते हैं उन्हीं को देंगे टोकन
कोतरा रोड सुभाष नगर स्थित एक निजी भवन एमआईजी क्रमांक 5 में आरटीओ उड़नदस्ता का दफ्तर चलता है। यहां से ओवरलोड और अंडरलोड वाहनों के लिए टोकन दिया जाता है। दोपहर करीब 12 बजे भास्कर का रिपोर्टर ग्राहक बन कर उड़नदस्ता ऑफिस पहुंचा। दरवाजा खटखटाने पर गमछा लपेटे बनियान पहने एक युवक बाहर आया।
रिपोर्टर.मैंजी रायगढ़ का ही छोटा ट्रांसपोर्टर हूं।
अधिकारी.किसकीगाड़ी है। कागजात लाए हो।
रिपोर्टर.गाड़ीबरमकेला के हेमसागर चौधरी की है।
अधिकारी.हेमसागरचौधरी की हेमसागर पांडेय, जी हेमसागर चौधरी। कितनी गाड़ी चलती है।
रिपोर्टर.जीदो ट्रक चलते हैं।
अधिकारी.कहांचल रही है।
रिपोर्टर.एकगाड़ी ओडिसा से सराईपाली चल रही है। दूसरी गाड़ी जामगांव से धरमजयगढ़ चलाना है।
अधिकारी.हमपहचान वालों को ही टोकन देते हैं।
रिपोर्टर.उन्होंने(हेमसागर ने) कहा था आप से मिलने के लिए टोकन मिल जाएगा। जो लेगें दे देने के लिए कहा है।
अधिकारी.गाड़ीनंबर क्या है।
रिपोर्टर.सीजी13 5554
अधिकारी.गाड़ीकौन सी है और दूसरे गाड़ी का नंबर क्या है।
रिपोर्टर.12चक्का। दूसरे गाड़ी का नंबर मुझे नहीं मालूम है।
अधिकारी.नहींदूंगा, जान पहचान वालों को ही हम देते हैं। कागजात ले आइए टोकन मिल जाएगा।
Q. प्रदेश में आरटीओ के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा चेकपोस्ट पर ही टोकन बेचा जा रहा है, क्या आपको पता है?
जवाब.मुझेइसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। आपके माध्यम से पता चल रहा है। मैं पता करवाता हूं।
Q. जिन वाहन चालकों के पास टोकन नहीं है, उन्हें चेकपोस्ट से गुजरने नहीं दिया जा रहा है, ऐसा क्यों?
जवाब.टोकनवाला कोई सिस्टम नहीं है। आपने देखा होगा तो मैं जरूर पता करवाता हूं। आप आरटीओ के टीआई से बात करों।
Q. चेकपोस्ट पर सिर्फ एक जवान मिला, बाकी सब वहीं के ग्रामीण थे, क्या आप उन्हें सैलरी देते हैं क्या?
जवाब.चेकपोस्टपर आरटीओ के जवान होने चाहिए। प्राइवेट लोगों से हम कोई सेवा नहीं लेते तो उन्हें सैलरी क्यों देंगे। आरटीओ टीआई से ही बात करों, वो ही बताएंगे।
Q. वाहन चालक बता रहे हैं कि महीने में एक बार आरटीओ को पैसे दे दो इसके बाद ओवरलोड वाहन आसानी से चला सकते हैं, ऐसा कब से चल रहा है?
जवाब.ओवरलोडवाहनों पर कार्रवाई होती है और जिन्हें पैसे मिलते हैं, उनसे ही पूछ लो, आप मुझे क्यों फोन लगाए हो।
Q. पहले भी टोकन का मामला सामने आया। तब मामूली कार्रवाई की गई। अब फिर से आरटीओ में टोकन एक्सपोज हुआ, अब क्या करेंगे?
जवाब.अबभैया निकुंज को हाथ तो लगा नहीं सकते। उसके खिलाफ सस्पेंशन की फाइल भी चल रही है। इस मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।
Q. आपको तो पता ही होगा कि पूरे प्रदेश में टोकन का खेल अभी भी चल रहा है?
जवाब.क्यामतलब?
Q. मतलब ये कि आपके परिवहन विभाग का अमला अभी भी टोकन बेचकर रोज लाखों रुपए की अवैध उगाही कर रहा है....क्या है येω
जवाब.कौनअवैध उगाही कर रहा है। मैं कैसे मान लूं।
Q. हमारे पास अवैध उगाही की लाइव रिपोर्ट है, हमने प्रदेश भर में एक साथ कई चेक पोस्ट पर इसकी लाइव रिपोर्टिंग की है। इसके सबूत भी हैं। अब क्या कहना है
जवाब.ऐसाक्या। तब तो गंभीर बात है। देखना पड़ेगा।
Q. क्या देखेंगे इंस्पेक्टर निकुंज ने कहा था कि मंत्री तक पैसा पहुंचता है और आपने अभी तक देखना भी शुरू नहीं कियाω फिर ये क्यों मान लेना चाहिए कि सबकुछ आपकी जानकारी में हो रहा है
जवाब.गलतीकरने वाले अधिकारी कुछ भी बोल देते हैं। रहा सवाल मेरी जानकारी में कुछ होने का तो अगर जानकारी में होती तो अभी तक कार्रवाई हो चुकी होती।
Q. मतलब इतना बड़ा मामला उजागर होने के बाद अमले को दोबारा भ्रष्टाचार करने की छूट दे दी है? केवल प्यादे बदले हैं खेल वही खेला जा रहा है। उड़ने दस्ते के कामकाज की कामकाज की निगरानी क्यों नहीं करवा रहे हैं?
जवाब.नजररखी जा रही है।
Q. किस काम की? अवैध उगाही ठीक से हो रही है या नहीं इसकी या काम फेयर हो रहा या नहीं इसकीω
जवाब.अरेभाई कामकाज पर निगरानी रखी जा रही है।
Q. फिर ये सब चल कैसे रहा है?
जवाब.जोगलत कर रहा होगा, उस पर तो कार्रवाई होगी ही।
Q. कैसे, जब निगरानी ही नहीं की जा रही है?
जवाब.मैंदिखवाता हूं। पता तो चल ही जाएगा। किसी को नहीं छोड़ा जाएगा।
Q. क्या करेंगे, एकाध प्यादा बदल देंगे?
जवाब.नहींपूरे सिस्टम को चेक करवाऊंगा।
Q. उसके बाद क्या होगा? सबकुछ वैसा ही चलता रहेगा, जैसे अभी चल रहा है?
जवाब.ऐसाकुछ नहीं होगा।
Q. आप और आपकी टीम भ्रष्टाचार कर रही है।
जवाब.कहींभ्रष्टाचार नहीं हो रहा है।
Q. आपके दफ्तर में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के बदले टोकन दिया जाता है। आपको पता भी है।
जवाब.कहींटोकन सिस्टम नहीं चल रहा।
Q. हमने खुद ग्राहक बन कर आपके दफ्तर से टोकन खरीदा है, और आप कहते हैं, कि टोकन सिस्टम नहीं चल रहा है।
जवाब.एेसाहो ही नहीं सकता।
Q. मारे पास टोकन है। आपके दफ्तर से खरीदा हुआ।
जवाब.आपकाशुभ नाम क्या है।
Q. नाम छोड़िए, भ्रष्टाचार चल रहा है उस पर जवाब दें।
जवाब.सभीकाम नियम कायदे से चल रहे हैं।
Q. आपकी टीम के साथियों ने बताया कि भ्रष्टाचार ऊपर से नीचे तक फैला हुआ है। कुछ नहीं हो सकता है।
जवाब.बिल्कुलभी ऐसा नहीं है।
Q. क्या आप भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कुछ करेंगे।
जवाब.मैंअभी आरटीओ दफ्तर और उड़नदस्ता दोनों का काम देख रहा हूं। समय निकाल कर कुछ करूंगा।
Q. फिर भी कब तक करेंगे।
जवाब.जबआरटीओ दफ्तर में अधिकारी जाएंगे। उसके बाद ही कुछ कर पाऊंगा।