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अब प्राइवेट मेडिकल शाप को जेनरिक दवाई रखना जरूरी
संक्रामक बीमारियों से निपटने रणनीति के अनुरूप काम करने के निर्देश
रायगढ़|जेनरिकदवाइयांअब सरकारी अस्पतालों के अलावा प्राइवेट मेडिकल दुकानों में भी मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय से इस संबंध में राज्य के सीएमओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिसमें उन्हें कहा गया है कि वे अपने जिले के ड्रग केमिस्टों की बैठक लेकर उन्हें शासन के आदेश की जानकारी दे। रायपुर में स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने भी विभागीय अधिकारियों की राज्य स्तरीय बैठक लेकर को इसकी जानकारी दे दी है।
इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने अफसरों को राज्य के समस्त सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए जेनेरिक दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में सभी औषधि विक्रेताओं को भी जेनेरिक दवाई रखने के अलावा दुकान में उसकी लिस्ट प्रदर्शित करना जरूरी होगा। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में मेडिकल दुकानों के संचालकों की बैठक लेकर उन्हें इस बारे में राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों की जानकारी दें।
निर्देश नहीं मानने वाले दुकान संचालकों के ड्रग और केमिस्ट लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएं। ब्रांडेड दवाओं की तुलना में जेनेरिक दवाएं सस्ती होती हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता भी ब्रांडेड दवाओं जैसी रहती हैं, इसलिए मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवा हर जगह उपलब्ध कराने के लिए यह नई कवायद शुरू की गई है। प्राइवेट दुकानों में जेनरिक दवा मिलने से लोगों को जहां दवा मिलने में आसानी हो जाएगी, वहीं उन्हें दवाओं के लिए कम राशि का भुगतान करना होगा।