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डाटा अपलोड में देरी, डाक घर में अब तक शुरू नहीं पाई कोर बैंकिंग सेवा

6 वर्ष पहले
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तय समय पर नहीं हुआ काम, अब नई तारीख में सेवा शुरू करने का इंतजार

भास्करन्यूज|रायगढ़

डाकघरों में कौर बैंकिंग सेवा शुरू करने के लिए 6 फरवरी की तिथि तय की थी। इसमें स्थानीय उपभोक्ताओं के डाटा एसडीसी चेन्नई के मेन सरवर से जोड़ा जाना था, लेकिन डाटा के अधिक होने से इसका अब तक कंप्यूटर में लोड नहीं किया जा सकता है। इस वजह से एक बार फिर यह सेवा उलझ कर रह गई है, वहीं दूसरी तरफ विभाग नए तारीख का इंतजार कर रही है।

आधुनिक सेवाओं के अभाव में पिछड़ रहे डाक घरों को बेहतर बनाने लोकप्रियता बढ़ाने सीबीएस से जोड़ा जाना है, ताकि उपभोक्ताओं को खाते संबंधी लेनदेन की प्रक्रिया में परेशानी हो। करीब दो साल पहले स्थानीय डाकघर को इस आधुनिक सेवा से जोड़ने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी, जो अब तक पूरा नहीं हो सकी है। विभाग की माने ताे डाटा की अधिकता होने की वजह से कोर बैकिंग सेवा अब तक शुरू नहीं हो पाई। फिलहाल विभाग नई तारीख का इंतजार करती नजर रही है। दूसरी तरफ विभाग को नए सिरे से सभी खातों और पासबुक की जांच करना है, जो धीमी गतिसे चल रहा है। रायगढ़ डिवीजन मेें कुल 66 उप डाकघर दो प्रधान डाक घर वर्तमान में संचालित है। इससे उपभोक्ताओं के 5 लाख 18 हजार खाते हैं। इसमें से सिर्फ मनरेगा के साढ़े तीन लाख और स्वतंत्र उपभोक्ताओं को एक लाख 68 हजार खाते है।

इनकी जांच कर सिस्टम से मिलान किया गया, ताकि वे इस सेवा का लाभ उठा सके। बहरहाल उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ मिलने में और इंतजार करना पड़ेगा।

14हजार उपभोक्ताओं का नहीं हुआ वेरिफिकेशन - नईसेवा से जोड़ने कुल 14 हजार स्थानीय उपभोक्ताओं के खातों का वेरिफिकेशन अब तक नहीं हो सका है। इनमें साधारण उपभोक्ताओं के साथ-साथ मनरेगा और वृद्धा पेंशनधारी शामिल है। डाक घरों में सभी कार्यालयीन कार्य के साथ-साथ इनकी जांच की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द सेवा का लाभ स्थानीय डाकघरों में शुरू किया जा सके।

एटीएम के अभाव में ग्राहकों को लगना पड़ता है लाइन में।