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अब बारात की गाड़ियों में भी नहीं बजेगा डीजे

4 वर्ष पहले
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ध्वनि प्रदूषण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन और जस्टिस पी सेम कोशी की डिविजन बेंच ने गाड़ियों में स्पीकर, डीजे बजने पर सीधे तौर पर कलेक्टर और एसपी को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी ध्वनि प्रदूषण होने पर किसी नागरिक के फोन का इंतजार करने के बजाय सीधे कार्रवाई करें। आदेश का उल्लंघन होने पर पर्यावरण मंडल भी रिपोर्ट कराएगा।

यानि अब बारात में भी बजने वाले डीजे पर रोक लग जाएगी। रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने तेज आवाज में डीजे व स्पीकर बजाने के साथ अन्य माध्यम से होने वाले ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट की डीबी ने याचिका को गंभीरता से लेते हुए राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने विस्तार से आदेश जारी किया है। इसमें आदेश का शब्दशः पालन करने के लिए कहा गया है। कोर्ट ने कहा कि गाड़ियों में स्पीकर या डीजे बजने पर कलेक्टर- एसपी जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर-एसपी व प्रशासनिक अधिकारी पर्यावरण संरक्षक हैं। अधिकारी ध्वनि प्रदूषण के मामले में किसी नागरिक का फोन आने का इंतजार न कर सकारात्मक कार्रवाई करें। अधिकारी सामूहिक व व्यक्तिगत रूप से सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेश की मूल भावना का पालन करें।

नम्रतापूर्वक आदेश का कराएं पालन
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शादी, जन्मदिन, धार्मिक सामाजिक कार्यक्रमों में निर्धारित मापदंड से अधिक ध्वनि विस्तार होने पर अधिकारी मौके में जाकर नम्रतापूर्वक हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराएं। यदि आयोजक विरोध करता है तो उसके खिलाफ कोर्ट में कार्रवाई करें। अगर ध्वनि विस्तारक यंत्र टेंट हाउस, साउंड सिस्टम या डीजे वाले का पाया जाता है तो उसे सीधे जब्त किया जाएगा।

साउंड बाक्स मिलने पर निरस्त होगा

वाहन का परमिट
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कलेक्टर, एसपी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी वाहन में साउंड बाक्स न बजे। साउंड बाक्स मिलने पर जब्त कर वाहन का रिकार्ड रखा जाए। दूसरी बार मिलने पर उस वाहन का परमिट निरस्त होगा। हाईकोर्ट के आदेश के बिना उस वाहन को नया परमिट जारी नहीं किया जाएगा। इसका उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। वाहनों में प्रेशर हार्न, मल्टी टोन्स हार्न पाया जाता है तो अधिकारी तत्काल वाहन से हार्न निकाल कर नष्ट करें। अधिकारी वाहन नंबर, वाहन मालिक तथा चालक का डाटा बेस तैयार करेंगे। दूसरी बार अपराध करने पर वाहन जब्त की जाएगी। हाईकोर्ट के आदेश के बिना वाहन नहीं छोड़ा जाएगा। कहीं पर भी ध्वनि विस्तारक यंत्र नियम के विरुद्घ नहीं बजेगा।

हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी मिली है आदेश नहीं आया है, फिर भी सभी थाना प्रभारियों को इस संबंध में निर्देशित कर गाड़ियों में डीजे बजाने पर सख्ती से रोक लगाने फरमान जारी किया गया है। \\\'\\\' यूबीएस चौहान, एएसपी, रायगढ़

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