पटरी चुराने वाले गिरोह को पकड़ने में जुटी आरपीएफ

5 वर्ष पहले
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रेल की पटरी की चोरी बिलासपुर डिवीजन के रायगढ़-कोतरलिया सेक्शन में हुई है, लेकिन जांच पूरे जोन में हो रही है। जांच टीमें बीते 5 दिनों से जांच में जुटी हैं, लेकिन अब तक उनके हाथ गिरोह का कोई सुराग नहीं लगा है। अभी तक इसी बात की जांच हो रही है कि घटना को किसने और कैसे अंजाम दिया।

आरपीएफ को जिस सरगना पर संदेह है, वह फरार है और टीम उसके घर से भी खाली हाथ लौट आई है। इसके अलावा क्षेत्र के ग्रामीणों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। रविवार को जांच के सिलसिले में रायगढ़ पहुंची टीम ने बताया कि क्षेत्र के रायगढ़ कोतरलिया, बेलपहाड़, हिमगीर, खरसिया सक्ती जैसे कई इलाकों में इसकी तलाश कर रहे हैं। लेकिन अबतक कोई सुराग उन्हें नहीं मिला है। रायगढ़ से कोतरलिया के बीच 20 जनवरी की रात 18 नग रेल पटरियों की चोरी हुई। चोर पटरियों को काटकर ट्रक में लोड कर ले गए थे। जिसकी भनक तक आरपीएफ के जवानों को नहीं लगी। घटना के तीसरे दिन मामले में जुर्म दर्ज किया गया। अब गिरोह की खोज के लिए गांव-गांव जाकर मामले की पड़ताल कर रहे हैं।

महाराष्ट्र के गिरोह पर संदेह-मामले में आरपीएफ का संदेह महाराष्ट्र के पुराने गिरोह पर है। उसके खिलाफ इस तरह की पहले कई चोरी के मामले हैं। वहीं टास्क टीम तलाश में जुटी हुई है।

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