आरोपों से घिरे निगम आयुक्त को हटाने महापौर व पार्षदों ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे आयुक्त के खिलाफ नगर निगम के एल्डरमेन और पार्षदों ने महापौर के नेतृत्व में रायगढ़ दौरे पर आए मुख्य सचिव विवेक ढांढ को सात सूत्रीय मांगाें का ज्ञापन सौंप, जहां शिकायतों का पुलिंदा सौंपा, तो वहीं विकास में रोड़े अटकाने की बात कहते हुए आयुक्त को हटाने की भी मांग की। जिसपर मुख्य सचिव ने शीघ्र ही उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
दरअसल मुख्य सचिव को सौंपे ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों ने कंटेनर घोटाला, फेंसिंग वायर, आय व्यय का ब्योरा प्रस्तुत नहीं करने से लेकर अपनी मनमानी दिखाते हुए अपनी उपेक्षा का भी आरोप लगाया है। 40 पार्षदों द्वारा परिषद की बैठक में ही हस्ताक्षरित ज्ञापन सभापति को सौंपते हुए निगम अधिनियम की धारा 54 के तहत कमिश्नर को हटाने की मांग की थी। इसी वजह से सीएस के दौरे पर पहले से ही तैयारी कर चुके जनप्रतिनिधी कलेक्ट्रोरेट पहुंचे थे। खास बात तो यह थी कि आयुक्त को हटाने के मामले में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी पार्षदों ने एका दिखाया, जिसमें एल्डरमेन भी शामिल थे।
मुख्य सचिव विवेक ढांढ को ज्ञापन सौंपने के लिए सृजन भवन के गेट के सामने महापौर को करना पड़ा दो घंटे इंतजार।
मुख्य गेट पर ही बैठ गई महापौर
जिस समय सीएस से मिलने पार्षद पहुंचे थे, उस समय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उनकी बैठक शुरू हो चुकी थी। इस लिहाज से घंटे भर तक जनप्रतिनिधि बैठक खत्म होने का इंतजार करते रहे। खासकर महापौर मधुबाई तो बाकायदा सृजन कक्ष के सामने ही कुर्सी पर बैठ कर अपनी बारी का इंतजार कर रही थी।
शिकायत पहले ही मिल चुकी थी
महापौर की अगुवाई में नेता प्रतिपक्ष पंकज कंकरवाल, पार्षद दल के नेता शाखा यादव, एल्डरमेन सुगनचंद फरमानिया, केसी खटर्जी समेत छह सदस्यीय जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधत्व मंडल ने मुख्य सचिव से बंद कमरे में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों के ठप रहने का हवाला देने के साथ-साथ आयुक्त की कारगुजारियों को भी सामने रखा। इस बीच सीएस ने पहले से ही शिकायत मिल चुकने की बात कहकर शिकायत करने पहुंचे प्रतिनिधियों को हैरत में डाल दिया।