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बुजुर्ग को गांव से निकाला, मौत हुई तो झोपड़ी समेत जला दिया

5 वर्ष पहले
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छुआछूत के कारण गांव से निकाला दिया था कुष्ठ पीड़ित बुजुर्ग को।

क्राइम रिपोर्टर | रायगढ़

राज्य में एक तरफ स्वास्थ्य विभाग कुष्ठ रोग को जड़ से मिटाने का दावा करने के साथ ही इससे छुआछूत को पूरी तरह खत्म करने की बात करता है। वहीं ग्रामीण इलाकों में अब भी बीमारियों के बाद लोगों को निर्वासित जीवन जीना पड़ रहा है। रायगढ़ से लगे जांजगीर जिले के डभरा तहसील के भैंसामुहान गांव में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवता को हिला दिया है।

गांव का एक बुजुर्ग कुष्ठ रोग से पीड़ित था। न केवल गांव बल्कि परिवार ने भी उससे नाता तोड़ लिया। चार दिनों पहले उसे बीमारी फैलने के डर से उसे बस्ती से दूर झोपड़ी बनाकर छोड़ दिया था। मंगलवार को जब उसकी मौत हुई तो अंतिम संस्कार के लिए कोई नहीं गया और उसे झोपड़ी के साथ ही जला दिया गया। ग्रामीण अंचलों में कुष्ठ बीमारी को लेकर अभी जागरूकता का अभाव देखा जा रहा है। उपचार संभव होने के बाद भी लोग पीड़ितों के पास फैलने के भय से न तो जाना जरूरी समझते हैं, और न ही उसे छूना। जानकारी के मुताबिक भैंसामुहान गांव के 70 वर्षीय ठंडाराम चौहान में इस बीमारी की पुष्टि होते ही गांव में फैलने के डर से शनिवार को परिजन द्वारा उसे गांव के बाहर सड़क किनारे एक सुनसान जगह में झोपड़ी में रखा गया था। इलाज के अभाव और देखरेख नहीं होने से उक्त बीमार बुजुर्ग की मौत मंगलवार को हो गई। लेकिन उसके बाद भी परिजन ने लाश को कांधा देने के बजाय बगैर भीतर घुसे अंतिम संस्कार करने झोपड़ी को आग लगा दी, जिससे झोपड़ी के लाश भी जलकर खाक हो गई।

बहिष्कार का था खतरा
परिजन का साफतौर से कहना था कि ठंडाराम को छुआछूत की बीमारी थी, जिसे घर पर रखने से समाज के साथ-साथ गांव से भी बहिष्कार होने का खतरा था। इसी मद्देनजर बीमारी होने पर गांव से बाहर रखा गया था, जहां मृत्यु होने पर उसे झोपड़ी समेत जला दिया गया। यह घटना सोशल मीडिया के युग में होने का दावा करने वाले सभ्य समाज के मुंह पर करारा तमाचा है।

लगा शिविर लगा था
भैंसामुहान गांव से महज पांच किलोमीटर दूर गिरगिरा गांव में प्रशासन द्वारा जन निवारण शिविर लगाया गया था। इस शिविर में क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने के नाम पर पूरा जांजगीर जिला प्रशासन मौजूद था, इसके बाद भी इस दर्दनाक घटना की जानकारी उन्हें नहीं मिल सकी। शाम के बाद पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके के लिए रवाना हुए हैं।

ठंडाराम चौहान नामक ग्रामीण को कुष्ठ रोग था। उसके शरीर पर गंभीर घाव थे, उसे परिवार व बस्ती के लोगों द्वारा गांव से दूर एक झोपड़ी बनाकर रखा गया था। मंगलवार की उसकी मौत हो गई। हमारी जानकारी के मुताबिक उसका अंतिम संस्कार हुआ है और बाद में झोपड़ी जलाई गई है। एम टोप्पो, एएसआई, चंद्रपुर थाना

वह स्थान जहां कृष्ठ रोगी वृद्ध को झोपड़ी सहित जला दिया गया।

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