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निगम कमिश्नर नहीं दे सके जवाब, सीएस ने जताई नाराजगी

5 वर्ष पहले
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चीफ सेक्रेटरी विवेक ढांड ने निगम कमिश्नर को कामकाज में सुधार लाने की नसीहत दी है। पेंशन व आधार कार्ड संबंधी सवाल का जब निगम आयुक्त सही जवाब नहीं दे पाए तो सीएस ने गुस्से में कहा कि आप जिस जगह आयुक्त होंगे उस शहर का तो हो गया विकास। औद्योगिक स्वास्थ्य व सुरक्षा विभाग के अधिकारी मनीष श्रीवास्तव को भी सीएस का गुस्सा झेलना पड़ा, सीएस ने कहा तुम कैसे अधिकारी हो जो औद्योगिक जिले में है और उसे कलेक्टर नहीं पहचानतीं।

जिला प्रशासन व योजनाओं की समीक्षा के लिए आए मुख्य सचिव विवेक ढांड ने सृजन भवन में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक के दौरान जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब हुए कार्यों की जानकारी ली और ओडीएफ बनाने के लिए प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों में और भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जब राजस्व संबंधी बिंदुओं पर चीफ सेक्रेटरी ने सवाल किए और राजस्व विवाद मुक्त गांव बनाने तथा सीमांकन एवं नामांतरण के लंबित प्रकरणों की जानकारी ली तो अांकड़ों को देखकर श्री ढांड ने नाराजगी जाहिर की। लोकसेवा केन्द्रों से मिल रही सेवाओं की लेटलतीफी पर भी सीएस ने अधिकारियों से जवाब मांगा और कलेक्टर से कहा कि सभी एसडीएम द्वारा मानिटरिंग की लोगों के आवेदनों पर कार्रवाई की जाए। सीएस ने कहा कि सुविधा के लिए लोकसेवा केन्द्रों से आय, जाति, निवास जैसे प्रमाण पत्रों के साथ 12 तरह की सेवाएं दी जानी हैं । लोगों के आवेदनों पर एसडीएम ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे लंबित आवेदनों की संख्या बढ़ रही है।

सृजन भवन में अफसरों की बैठक लेते चीफ सेक्रेटरी।

जिले में 670 आवेदन लंबित
जिले के लोकसेवा केन्द्रों में शुरुआत से ही दिक्कतें थी। आपरेटरों को केन्द्रों में आने वाले आवेदन के हिसाब से कमीशन दिया जाना था। जिससे जिन केन्द्रों में कम आवेदन आ रहे थे, वहां पर कम्प्यूटर आपरेटर काम छाेड़ते चले गए। बाकी कसर सरकारी बाबुओं की लेटलतीफी ने पूरी कर दी। लोकसेवा केन्द्रों से आसानी से आय, जाति व निवास जैसे प्रमाण पत्र मिल जाने के कारण लिपिकों का वर्चस्व समाप्त हो रहा है। जिससे जिले में इन केन्द्रों में लंबित मामले बढ़ रहे हैं। रिकार्ड के अनुसार जिले में वर्तमान में लोकसेवा केन्द्रों में करीब 670 प्रकरण लंबित हैं।

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