सत्यापन पूरा, मार्च के पहले हफ्ते से बनेंगे स्मार्ट कार्ड
स्मार्ट कार्ड से भी जुड़ा आधार
स्वास्थ्य विभाग के साथ नगरीय निकायों व जनपद पंचायतों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए इस सर्वे में लोगों के घर-घर जाकर जांच पड़ताल की गई और परिवार के मुखिया व सदस्यों का आधार व जनगणना का 2011 का दिया गया फैमिली कोड लिया गया है। जिससे आधार से मैपिन कर एक से ज्यादा जगहों में बने स्मार्ट कार्ड निरस्त हो जाएंगे।
बिना फैमिली कोड वाले करेंगे इंतजार
रिकार्ड के अनुसार जिले में कुल परिवार की संख्या 4 लाख 21650 है और 2 राउंड के बाद बने स्मार्ट कार्ड की संख्या 2 लाख 37152 है लेकिन सर्वे सत्यापन के बाद परिवार की संख्या 3 लाख 70 हजार तक ही पहुंची है और जनगणना का फैमिली कोड व आधार नहीं होने से करीब 561 हजार परिवार का नाम साफ्टवेयर में नहीं है।
स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए जल्द की तारीख और रूट चार्ट फायनल होने वाला है। संभवत: मार्च महीने के पहले हफ्ते से कार्ड बनाने के लिए सभी विकासखंडों में शिविर लगाए जाएंगे। डा हबेल उरांव, सीएमएचओ
भास्कर न्यूज | रायगढ़
सर्वे सत्यापन का काम पूरा होने के बाद स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए जिले में मार्च के पहले हफ्ते से शिविर लगाए जाएंगे। अब तक 2 राउंड में करीब ढाई लाख परिवारों का कार्ड बनने के बाद अभी भी जिले में डेढ़ लाख परिवारों तक यह सुविधा नहीं पहुंच सकी है और 30 हजार तक का निशुल्क इलाज पाने के लिए अगले महीने से स्मार्ट कार्ड बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग अगले महीने से जिले में स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए शिविर का आयोजन करेगा। सभी विकासखंडों एवं शहरी इलाकों में लगने वाले इन शिविरों के लिए अभी तारीखें फायनल नहीं हुई हैं लेकिन हफ्ते भर के भीतर इसका रूट चार्ट बनाकर इसकी अधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। इससे पहले अक्टूबर महीने में शासन ने स्मार्ट कार्ड के सत्यापन के आदेश दिए थे और राशन कार्डों की तरह ही आवश्यकता से अधिक बन गए स्मार्ट कार्ड के सर्वे व सत्यापन के लिए काम शुरू किया था। हितग्राहियों के आधार कार्ड और जनगणना के आंकड़ों को मिलाकर किए गए इस फैमिली सर्वे में स्वास्थ्य विभाग को जिले भर से करीब 3 लाख 70 हजार हितग्राही मिले थे लेकिन इनमें से 2 लाख 37 हजार परिवारों तक ही अब तक स्मार्ट कार्ड पहुंच सका है और 2 बार शिविर लगाने के बाद भी जिले में करीब डेढ़ लाख परिवारों तक सरकारी स्वास्थ्य सुविधा वाली यह योजना नहीं पहुंच सकी है। उल्लेखनीय है कि जिले में दूसरे चरण के लिए जुलाई 2015 में स्मार्ट कार्ड बनाना शुरू किया गया था लेकिन कुछ ही दिन बाद शासन ने राशन कार्डों की तरह स्मार्ट का सत्यापन करने का आदेश जारी कर दिया था। जिससे जिससे स्मार्ट कार्ड बनाने का काम रुक गया था और स्वास्थ्य विभाग के साथ नगरीय निकायों व जनपद पंचायतों द्वारा किए गए सर्वे के बाद स्मार्ट कार्ड के लिए साफ्टवेयर में एंट्री कर शासन को कार्ड बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था।
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