जुनवानी में हाथी के बाद बाघ का खौफ
खराब मौसम की वजह से स्पॉट में नहीं गए वन मंडल के अधिकारी
भास्करन्यूज | रायगढ़
वनमंडल के जुनवानी सर्किल में हाथी के बाद बाघ की खौफ से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गुरुवार को क्षेत्र के बीट गार्डों की नजर अचानक बाघ के पैरों के निशान पड़ी। उन्होंने निशान का पीछा भी किया, लेकिन रास्ता पथरीला होने की वजह से सिर्फ तीन, चार जगहों पर निशा मिले। इसकी सूचना उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को दी और प्लास्टर ऑफ पेरिस से पद चिन्ह बना कर संभागीय कार्यालय को भेज दिया। फिलहाल सूचना मिलने के बाद से आसपास के ग्रामीणों इलाकों में दहशत का माहौल बन गया है।
जुनवानी और कांटाझरिया वन मार्ग के बीच सुबह नौ बजे निरीक्षण में निकले बीट गार्डों को बाघ के पद चिन्ह मिले। उन्होंने आस पास के क्षेत्र में निशान ढूंढने की कोशिश की, लेकिन रास्ता पथरीला और खराब मौसम की वजह से उन्हें सिर्फ तीन से चार जगह ही पैरों के निशान का चिन्हांकन कर पाए। जुनवानी क्षेत्र के बीट गार्डों से मिली जानकारी के मुताबिक बाघ अभी भी जंगलों के भीतर ही घूम रहा है। जिसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने आसपास के सभी गांव में चौकी दारों को मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। साथ ही जंगल में अकेले जाने और मवेशियों हो कुछ समय के लिए घर जंगल भेजने की समझाइश भी दी जा रही है। फिलहाल एक बार फिर बाघ के पैरों के निशान मिलने के बाद उसकी उपस्थिति में पुष्टि हो गई है।
बारिश ने मिटाए पद चिन्ह
सुबहसाढ़े नौ बजे पद चिन्ह मिलने के बाद बीड गार्ड प्लास्टर ऑफ पेरिस तैयार करने की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक बारिश शुरू हो गई। इससे बाघ के पैरों के निशान खराब हो गए, लेकिन बावजूद किसी तरह उन्होंने पद चिन्ह तैयार कर शाम तक विभाग में संग्रहण के लिए भेज दिया।
दोदिन पहले पहुंचा था हाथियों का दल
जुनवानीसर्किल हाथी प्रभावित इलाकों में एक है। यहां दो दिन पहले ही हाथियों के पहुंचने की सूचना विभाग के कर्मचारियों ने वन विभाग को दी थी। इसके बाद सारी रात कर्मचारी और ग्रामीणों ने सतर्क थे, लेकिन हाथियों के लौटने की पुष्टि भी नहीं हुई और बाघ देखे जाने की सूचना ने इलाके में खलबली मचा दी है। बहरहाल जुनवानी क्षेत्र के रहवासियों की मुश्किलें दिन पर दिन मुश्किल होते जा रही हैं।