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बीजेपी से गुरुजीकांग्रेससे जेठूरामकेबीच मुकाबला

7 वर्ष पहले
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रायगढ़। नगरीय निकाय चुनाव के मतदान को अब महज दो हफ्ते का समय बच गया है। भाजपा व कांग्रेस ने महापौर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। कांग्रेस पार्षदों प्रत्याशियों के नाम की घोषणा आज कर सकती है।
बीजेपी : महावीर चौहान (गुरुजी)
1 अप्रैल 1948 को जन्मे महावीर चौहान गुरुजी अनुसूचित जाति से एक वरिष्ठ भाजपाई हैं। लगभग छह वर्ष पूर्व बतौर हेडमास्टर रिटायर हुए हैं। एक बार महापौर और एक बार विधानसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ चुके हैं। वर्ष 2003 से 2013 तक गुरुजी चौहान समाज के जिलाध्यक्ष रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा बनाए गए अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के सदस्य भी रह चुके हैं। विधानसभा व लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए काम कर चुके हैं।
ताकत- महावीर चौहान की समाज में स्वीकार्यता है। स्वच्छ छवि और शालीनता के साथ ही पार्टी में पिछले लंबे अरसे से ईमानदारी से काम किया। पिछले चुनावों में जनसंपर्क का लाभ।
कमजोरी : कमजोरी- उम्र ज्यादा, निर्दलीय चुनाव लड़े होने पर दुष्प्रचार। छोटा राजनीतिक अनुभव और समाज के लिए ही सक्रिय होने के कारण शहर के सार्वजनिक मंचों पर उपस्थित कम ही रही है।

चुनौती-विधायक के नजदीकी होने के कारण विरोधी खेमे को साथ लाने में मुश्किल होगी। निगम की राजनीति में महत्वपूर्ण चेहरों को टिकट नहीं मिलने से पार्टी के प्रति उनकी नाराजगी गुरुजी पर भी भारी पड़ सकती है।
कांग्रेस : जेठूराम मनहर
4 मई 1965 को पैदा हए जेठू राम मनहर कांग्रेस में लंबे समय से काम कर रहे हैं। दिवंगत सीनियर कांग्रेसी नेता मातराुम अग्रवाल ने राजनीति की राह दिखाई जिसके बाद वर्ष 1994 से 2004 तक वार्ड मेंबर रहे। नगर पालिक निगम बनने के बाद रायगढ़ के पहले महापौर बने। 2009 के चना ुव में बीजेपी प्रत्याशी से लगभग 10 हजार वोटों से हारे। पार्टी की कलह के कारण पार्टी से थोड़े समय के लिए निष्कासन भी हआ। सार्वजनिक जीवन में सक्रियता कम लेकिन इमेज ठीक।
ताकत- जेठूराम मनहर पूर्वमें महापौर रहे हैं। पिछले चुनाव में हारने के बाद भी शहर में उनकी इमेज अब अच्छी है। शहर में लोगों से मिलते रहे। स्वभाव के कारण कांग्रेसियों में भी स्वीकार्य।
कमजोरी-पार्टी में सक्रियता कम होने के कारण बड़े कार्यक्रमों में नहीं दिखे। विधानसभा व लोकसभा में ज्यादा काम नहीं करने के कारण उनका जनसंपर्क कमजोर है।
चुनौती : चुनौती- जोगी गट के कार्यकर्ता माने जाते हैं ऐसे में खरसिया विधायक उमेश पटेल, संगठन खेमा और चरणदास व विद्या गुट के वरिष्ठ और युवा कार्यकर्ताओं को अपने पक्ष में करना मुश्किल होगा। चुनावी खर्च मैनेज करना भी बड़ा चैलेंज है।
आखिर मिल गई टिकट : विजय-गुरुपाल खेमे के सदस्य माने जाने वाले आशीष ताम्रकार को आखिरकार टिकट मिल गई। ज्यादातर पार्षद प्रत्याशियों के नाम शुक्रवार की रात घोषित किए गए जबकि आशीष और 30 नंबर से मुक्तिनाथ बबुआ की दावेदारी पर संकट था। कारण स्पष्ट है, विधायक रोशनलाल की नाराजगी। आखिरकार संगठन के दबाव में टिकट आशीष को मिल गई। मुक्तिनाथ की गाड़ी अब भी आगे
नहीं बढ़ पाई है। आशीष निगम में वरिष्ठ पारद हैं और 26 नंबर वार्ड से मजबूत प्रत्याशी हैं। आज दोपहर वार्ड क्रमांक 19 की प्रत्याशी सरिता रतेरिया पर नाम वापस लेने दबाव डाला गया, सूत्रों के मुताबिक सरिता के मना करने के बाद भी प्रत्याशी बदलने की जोरआजमाइश हुई लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। भाजपा के नेताओं व प्रत्याशी को पार्टी हित में काम करने का मैसेज दिया गया है।
कांग्रेस में भीतरी कलह...नाम घोषित क्या हुए, कई नेता निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे, कुछ ने खुलकर अपने तेवर जाहिर कर दिए हैं..निकाय चुनाव में नामांकन के अंतिम चरणों में अब सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं। शनिवार को रायगढ़ नगर निगम के लिए 73 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया है। भाजपा और कांग्स के साथ ब रे ड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी ताकत झोंकी है। वहीं कुछ उम्मीदवारों ने आखिरी समय में पार्टियों से
बी फार्ममिलने की आस में भी अपना नामांकन जमा किया है। महापौर पर के लिए भाजपा और कांग्स से रे संभावितों के नाम सामने आने के बाद शनिवार को कांग्स से महापौर पद के उम रे ्मीदवार जेठूराम मनहर ने जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर मुकेश बंसल के कोर्ट में अपना नामांकन दाखिल किया। तो दोपहर बाद भाजपा से महापौर के लिए किस्मत आजमाने वाले महावीर गुरुजी ने नामांकन फार्म खरीदा और पार्टी से बी फार्ममिलने के बाद सोमवार को नामांकन जमा करने की बात कही। पारद ्ष प्रत्याशियों के दिग्गजों में से रामकृष्ण खटर्जी, सलीम नियारिया, बब्बल पांड ने पर्चा भरा। तो वार्ड 14 से पूर्व सभापति और भाजपा नेता सुभाष पांड के े खिलाफ कांग्रेस के शाखा यादव चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। इसी तरह वार्ड 20 से
काग्स के 2 उम रे ्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है।
मौजूदा पारद शरद सरा ्ष फ और प्रभात साहू एक साथ नामांकन भरा है। अब सोमवार को पार्टी द्वारा बी फार्म दिए जाने के बाद ही कांग्स उम रे ्मीदवार की स्थिति साफ हो सकेगी। वार्ड 16 से भी कांग्स ने रे पिछला चुनाव हारने वाले देवदत्त चौरसिया को मैदान में उतार सकती है वहीं निर्दलीय उम्मीदवार दिनेश शर्मा ने भी पर्चा भरकर वार्ड में त्रिकोणीय स्थिति पैदा कर दी है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में दिनेश ने निर्दलीय के रूप में भाजपा के सुभाष पांड को कड़ी टक्कर दी थी। निर्वाचन शाखा में 1 से 16 वार्ड के लिए सर्वाधिक 36 नामांकन दाखिल हुए हैं। वहीं सभी 48 वार्डों के लिए 32 नामांकन पत्र खरीदे गए हैं। कांग्स ने श रे निवार शाम तक वार्डपारद के ्ष
प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है जिसकेकारण एक वार्ड से पार्टी के संभावित दो-तीन प्रत्याशी अपना नामांकन डाल रहे हैं। ऐसे में अधिकृत प्रत्याशी के लिए कुछ बागी मुसीबत खड़ी कर सकते हैं।