पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • इंसुलेटेड केबल लगे, 68 से 26 फीसदी हो गया लाइन लॉस

इंसुलेटेड केबल लगे, 68 से 26 फीसदी हो गया लाइन लॉस

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सरप्लसविद्युत सप्लाई में सबसे बड़ा रोड़ा बनने वाली लाइन लॉस की समस्या साल दर साल कम होने लगी है। दरअसल लगातार हो रही विद्युत चोरी और तकनीकी खामियों की वजह से विद्युत मंडल के लिए बड़ी समस्या बनी हुई थी। जिस पर बीते कुछ सालों में भारी कमी आई है। पिछले चार सालों में यह 68 से घटकर 26 प्रतिशत हो गया है। वही विद्युत मंडल ने आने वाले 2015-16 के लिए शहरी क्षेत्रों में इसे और कम करने 15 प्रतिशत तो गांव कस्बों में 35 फीसदी पर पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ताकि विद्युत सप्लाई में उपभोक्ताओं को होने वाली दिक्कतों से छुटकारा मिल सके।

लाइन लॉस की पर काबू पाने विद्युत मंडल विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत काम कर रही है। -शेषपेज 14





लाइनलॉस की सबसे बड़ी वजह विद्युत चाेरी डिस्ट्रीब्यूशन प्रणाली में आने वाल खामियां है, जिसे लेकर मंडल बेहद संजीदगी से काम कर रहा है। लाइन लॉस की विद्युत में आई कमी है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज, डियो गिरने की समस्या समेत विद्युत सप्लाई में अनेक बाधा उत्पन्न होती है। ग्रामीण इलाकों के ज्यादातर चाेरी की शिकायत मिलने वाले कुल 148 गांव कस्बों समेत शहरी क्षेत्र के 180 किलोमीटर के दायरे में एबी केबल बिछाई जा रही है। साथ ही तकनीकी खामियों को दूर करने इन इलाकों में कुल 450 एडिशनल ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। ताकि विद्युत सप्लाई में ट्रांसफार्मरों पर लोड कम किया जा सके। इन सब के अलावा लगातार विद्युत चोरी काे लेकर अभियान भी चला कर अवैध कनेक्शनों की कटौती कर रही है। मंडल के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक लाइन लॉस कम करने आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी। ताकि निर्धारित किए गए लक्ष्यों की पूर्ति तय समय पर की जा सके।

रणनीति से काम

^लाइनलॉस में पिछले चार सालों में लगातार कमी आई है, इसके लिए विभाग शुरु से अपने रणनीति के आधार पर काम कर रहा है। 2015 के तय लक्ष्यों को प्राप्त कर हम उपभोक्ताओं को होने वाली लाइन लॉस की समस्याओं से पूरी छुटकारा दिलाएंगे। बीएलवर्मा, ईईविद्युत मंडल

10 हजार की शिफ्टिंग बाकी

विद्युतमंडल द्वारा इसे लेकर उपभोक्ताओं घरों के बाहर मीटर की शिफ्ट किए जा रहे हैं। लगभग आधे से अधिक मीटरों की शिफ्टिंग किए हो चुकी तो अभी भी 10 हजार मीटरों की शिफ्टिंग शेष है। वही लगभग सभी बड़े कनेक्शन धारियाें के मीटर उनके भवन के बाहर शिफ