- Hindi News
- गांवों में मजदूर नहीं मिलने से हुई धान की कटाई लेट
गांवों में मजदूर नहीं मिलने से हुई धान की कटाई लेट
अधिक कमाई की चाहत में मजदूर जा रहे दूसरे प्रदेश।
भास्करन्यूज|रायगढ़
कलाएवं संस्कारधानी नगरी रायगढ़ जिले में धान की बंपर उत्पादन होती है। जिले में भारी संख्या में उद्योग स्थापित होने के बावजूद किसानों के पास पर्याप्त मात्रा में खेत हैं, लेकिन उसमें काम करने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। जिले के ज्यादातर गांवों में पलायन औद्योगिकीकरण के कारण खेतीहर मजदूर अब खेती के बजाए दूसरे कामों में लग गए हैं।
इससे खेती पर संकट दिन दिन गहराता जा रहा है। बरमकेला ब्लाक के मंजूर पाली, झाल, कालाखूंटा, हटटापाली, छिंदपतेरा, जगदीशपुर आदि गांवों के मजदूर खेती के बदले जिला मुख्यालय आकर अन्य काम करने लगे हैं। यह समस्या अब विकराल रूप धारण कर कर रही है। सैकड़ों गांव इस समस्या से ग्रस्त हो गए हैं। जिले के ज्यादातर किसान मजदूर नहीं मिलने का रोना रो रहा है। कई गांवों में हाल ये है कि आसपास के गांवों से मजदूर लाकर ट्रैक्टर से ढोना पड़ रहा है। मजदूरों के कमी कारण ही अब किसान कटाई मिसाई के लिए हार्वेस्टर मंगा रहे हैं। वही कुछ किसान अब रीपर के मदद से कटाई करवा रहे हैं। इस संबंध में मजदूरों का कहना है कि किसान हमें दिनभर मजदूरी करने पर 60 से 70 रुपए देता है। जबकि उद्योगों में उतना ही काम करने पर हमें 150 से 200 रुपए मिल जाते हैं। हम कम मजदूरी में क्यों काम करें। मजदूरो का कहना है किसानों के यहां काम करके हमें एक-डेढ़ माह मे मजदूरी मिल पाती है और उद्योग शहरों में काम करने पर हमें तुरंत भुगतान मिल जाता है।