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आईएसआई मार्का वाले पंप पर बिजली विभाग देगा छूट
किसानोंको अब विद्युत में मिलने वाली रियायत का लाभ लेने स्टार रेटेड आईएसआई मार्क वाले पंप लगाने पड़ेंगे। दरअसल पंपों के माध्यम से अधिक विद्युत खपत से उत्पन्न हो रही लाइन लॉस की समस्या से निपटने यह फैसला लिया है। वर्तमान में राज्य शासन द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही योजना के अंतर्गत उन्हें प्रतिमाह 100 यूनिट विद्युत का भुगतान या फिर सालाना साढ़े सात हजार यूनिट की रियायत दी जा रही है। जांच में यदि पंपों की गुणवत्ता सही नहीं मिली तो किसानों को योजना के लाभ से बाहर किया जाएगा।
किसानों द्वारा सिंचाई पंप के लिए गए विद्युत कनेक्शनों पर विशेष छूट दिया जा रहा है। शासन द्वारा 2 अक्टूबर 2009 में शुरु हुए कृषक जीवन ज्योति योजना के अंतर्गत उन्हें सालाना प्रतिमाह विद्युत खपत में राहत दी जा रही है। इसके बावजूद किसान थोड़े रुपए बचाने के चक्कर में नॉन सर्टिफाई पंप का उपयोग कर रहे है। जिससे विद्युत की खपत में एकाएक बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन बोर्ड राज्य शासन ने मिलकर इन पर लगाम लगाने की तैयारी कर रहा है। निर्धारित क्षमता से अधिक नॉन सर्टिफाइड पंप संचालकों योजना के दायरे से किया जाएगा। वहीं नए कनेक्शनों पर पंप पाइप लाइन के पूरी जांच के बाद ही उन्हें विद्युत सप्लाई दी जाएगी। ताकि आने वाले दिनों में लाइन लॉस जैसी समस्या से पूरी तरह छुटकारा मिल सके।
5 एचपी से अधिक क्षमता वालों को छूट नहीं
योजना के मुताबिक पहले ही पंप के लिए पांच एचपी तक को छूट दिए जा रहे है। लेकिन स्टार रेटेड सर्टिफाइड पंपों पर भी यह प्रावधान लागू है। इससे अधिक क्षमता वाले पंपों को योजना के दायरे से बिलकुल बाहर रखा गया है। इन्हें विद्युत में रियायत के नहीं दिया जाएगा। वही इस अभियान को पूरा करने विद्युत मंडल ने अक्टूबर 2016 तक का समय निर्धारित किया है।
लगाना होगा पीवीसी पाइप
पूर्वमें किसानों द्वारा पानी सप्लाई के लिए जीआई पाइप बिछाई गई है। जिसे बदलकर पीवीसी पाइप लाइन लगाना होगा। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जीआई पाइप से पानी के फ्लो सही ढंग से नहीं होने से विद्युत कैपेसिटी की आवश्यकता पंप को बढ़ जाती है। पंप के कनेक्शन से खेतों की सिंचाई स्थल तक सभी जगहों पर पीवीसी पाइन लाइन बिछाए जाने है।
इसलिए बढ़ती है विद्युत की खपत
सर्टिफाइडपंप नहीं होने से पानी खीचने में अधिक उर्जा की खपत होती है। दरअसल इनकी बाइं