अटल चौक पर नहीं दिखते सामने से रहे वाहन
डेंजर पाइंट-4
रायगढ़. रायपुरया ओडिसा की तरफ से शहर में प्रवेश करने से पहले अटल चौक (छातामुड़ा चौक) पर सौंदर्यीकरण भले ही लोगों को आकर्षित करता हो लेकिन तकनीकी रूप से इस चौक के लिए सड़क के बीच बने चबूतरे की असंगत ऊंचाई वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण है जिसके चलते दुर्घटना की आशंका होती है। शहर के डेंजर पाइंट्स में यह चौक भी शामिल है क्योंकि यहां पर तेज रफ्तार कारों के साथ ही भारी वाहन भी चलते हैं। ट्रेफिक नियमों की अक्सर अनदेखी करे वाले ट्रैक्टर चालक भी इस चौक में बेखौफ वाहन चलाते हैं। जानकार इस चौक में भी थोड़े एहतियात बरतने की सलाह देते हैं, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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कोतरा रोड या उड़ीसा रोड की तरफ आने-जाने वाले वाहन चालकों को सामने देख पाना मुश्किल है। सबसे ज्यादा दुर्घटना की आशंका बाइक सवारों के लिए होती है। बड़े भारी वाहन और ट्रेलर की चपेट में आने का खतरा होता है। इस मार्ग पर चौक की गोलाई ज्यादा होने के कारण वाहन की गति थोड़ी धीमी होती है। इससे दुर्घटना भले टले लेकिन यातायात गड़बड़ हो जाता है और कई बार जाम की स्थिति बनती है। यहां सड़कों के किनारे खड़े वाहन भी यातायात को बाधित करते हैं।
इस चौक पर रायपुर चंद्रपुर से आने वाले भारी वाहन सांगीतराई-कोतरा रोड बाइपास मार्ग की तरफ मुड़ जाते हैं वहीं कारें या छोटे वाहन तेजी से शहर के भीतर गौरवपथ पर चल कर प्रवेश करते हैं। इस मार्ग पर बड़ा अटल चौक है। इसके कारण यहां वाहन चालकों को इस चौक के पार दूसरी सड़क पर देख पाना असंभव होता है। मुड़ कर सड़क पर आते हुए ही सामने से आता वाहन दिखता है। इससे लोगों को परेशानी है और हादसे की आशंका होती है।
इस चौक मंे तकनीकी खामी के संबंध में एक युवा आर्किटेक्ट से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि चौक की ऊंचाई को यदि ढाई से तीन फुट तक रखा जाता तो चारों ओर से आने वाले वाहन एक दूसरे को देख सकते थे। ऐसे में वाहन चालकों को गति में नियंत्रण रखा और सामने से रहे वाहन के हिसाब से वाहन चालन करना आसान होता है। आर्किटेक्ट का मानना है कि सौंदर्यीकरण में तकनीकी बिंदुओं का ध्यान भी रखा जाना चाहिए ताकि सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।