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श्रम कानूनों में बदलाव से उद्योगों की फायदा: गनपत चौहान

7 वर्ष पहले
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रायगढ़|राष्ट्रीय मजदूरकांग्रेस इंटक ने मोदी सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए गए संशोधन पर विरोध जताया है। एसईसीएल इंटक महासचिव गनपत चौहान ने मोदी सरकार द्वारा श्रम कानूनों में मनमाना संशोधन किए जाने के प्रस्ताव पर विरोध जताते हुए कहा कि ट्रेड यूनियनों का भी कहना है कि श्रम कानूनों में बदलाव श्रमिकों के अधिकारों के कीमत पर किया जा रहा है। उद्योग जगत का कहना है कि सरकार के इस कदम से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और अधिक रोजगार का सृजन होेगा। पूर्व की यूपीए सरकार ने देश के पुराने श्रम कानूनों में सुधार करने का वायदा किया था, लेकिन इसमें कोई खास प्रगति नहीं हो पाई। अब नरेन्द्र मोदी सरकार निवेश बढ़ाने के नाम पद श्रम कानूनों में संशोधन कर आगे बढ़ा रही है। उसका तर्क है कि ऐसा करने से पूजी निवेश बढ़ेगा और भारत में कारोबार करना आसान हो जाएगा, ऐसा करने के बावजूद मोदी सरकार श्रमिकों की सुरक्षा करने का भी दावा कर रही है। लेकिन ट्रेड यूनियनों का मानना है कि सरकार के ताजा प्रयासों से कर्मचारियों की आजादी पर रोक लग जाएगी। उन्हींने इसके विरोध में इंटक के प्रदेशाध्यक्ष संजय कुमार सिंह के निर्देशन में आंदोलन करने की चेतावनी दी है।