रायगढ़। हमजब पाखड़ चावल की शिकायत करने फूड आफिसर घोरे के पास गए तो उन्होंने कहा, अब एक रुपए में तुमको बासमती चावल तो नहीं मिलेगा। जो मिल रहा है उसे ले लो वरना रहने दो। तुम लोगों को चावल खाने के लिए किसने कहा है, उसे बाजार में बेच दो। हम जब विधायक रोशन लाल अग्रवाल के पास हमारी तकलीफ बताने पहुंचे तो उन्होंने कहा पाखड़ चावल नहीं उठाओगे तो मर नहीं जाओगे। उक्त शिकायतें जिले के सरिया ब्लाक के कंडोला गांव के परेशान ग्रामीणों ने भास्कर से बातचीत में की हैं।
ये लोग पिछले दिनों गांव में पाखड़ चावल बांटने की शिकायत लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे थे। हालांकि विधायक रोशनलाल खाद्य अधिकारी घोरे ने इस तरह के किसी भी आरोपों से इनकार किया है।
ग्रामीणों के अनुसार कंडोला में पाखड़ (खराब) चावल सार्वजनिक वितरण केंद्र से बांटा जा रहा है। ग्रामीण इसकी शिकायत कलेक्टर से करने पहुंचे थे। कलेक्टर नहीं थे, तो इन्होंने खाद्य अधिकारी केके घोरे से मुलाकात की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनकी समस्या का निराकरण करने के बजाय खाद्य अधिकारी उनसे उलझ गए। उन्होंने ग्रामीणों पर झल्लाते हुए कहा, अब एक रुपए में बासमती चावल तो नहीं दे सकते है। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। कहां शिकायत करोगे। बेहतर है जो मिल रहा है उसे चुपचाप ले लो। यदि नहीं खा सकते तो जानवरों को खिला दो या फिर बाजार में बेच दो।
यहां से हताश ग्रामीण खाद्य अधिकारी की शिकायत करने विधायक रोशन लाल के पास पहुंचे तो उन्होंने कहा कि पाखड़ चावल नहीं लोगे तो मर नहीं जाओगे। तुम्हें यदि पाखड़ चावल नहीं खाना था तो इसमें दुकान बंद कराने की क्या जरूरत थी। उल्लेखनीय है कि ग्रामीणों ने पाखड़ चावल के वितरण का पूर्व में विरोध किया था और दुकान बंद करवा दी थी।
प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों के लिए एक रुपए किलो की दर से चावल दिया जाता है। गरीबों को मिलने वाले 35 किलो अनाज में 30 किलो चावल एवं 5 किलो गेहूं दिया जाता है। पिछले मई महीने में जिला ही नहीं वरन राज्य के कई स्थानों से हितग्राहियों को पाखड़ चावल बांटे जाने की खबरें आई थीं। शिकायत है कि ग्रामीणों को 15 किलो पाखड़ चावल और 15 किलो अच्छा चावल दिया जा रहा है।
बहिष्कार की धमकी
ग्रामीणों का कहना है कि विधायक ने उनसे जो व्यवहार किया है इससे सभी नाराज हैं और गांव में विधायक का बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने चुनाव के वक्त सड़क बनवाने की बात की थी लेकिन अभी तक उस सड़क का निर्माण शुरू नहीं किया गया है।
क्षेत्र क्रय मात्रा वितरण शेष (क्विंटल में)
रायगढ़42771.18 11096.21 5984.73
बरमकेला 14260.30 17614.8 2255.21
घरघोड़ा 12563.66 47264.18 7360.00
खरसिया 12903.03 970.96 7544.92
क्षेत्रक्रय मात्रा वितरण शेष (क्विंटल में)
धरमजयगढ़3991.35 33562.25 5174.68
लैलूंगा 7997.19 25869.26 2002.59
सारंगढ़ 44607.48 19775.59 14608.30
योग 109094.19 156153.25 44930.43
वितरित किए जा रहे पाखड़ चावल की अनुमानित कीमत लगभग दस करोड़ रुपए है।
लाभान्वितपरिवार
अंत्योदय(गुलाबी) \\
ग्रामीण100424,शहरी15707कुलयोग 116131
प्राथमिकता(नीला) -
क्या कहते है जिले के आंकड़े
ग्रामीण256251,शहरी34538कुलयोग 290739 पूरेप्रदेश भर में कुल लाभान्वित 6528073
''विधायक बोले किससे आए हो हमने कहा गाड़ी से तो बोले कि गाड़ी से कैसे आए हो तुम्हारा राशन कार्ड निरस्त हो जाएगा। दुकान बंद कराने की क्या जरूरत थी। '' पंचरामपटेल , ग्रामीण
^हम लोग जब गए तो कलेक्टर साहब नहीं मिले फूड ऑफिसर ने ऐसा बोला तो हम विधायक के पास गए तो वो पहले कहने लगे इतनी देर से क्यूं आए। नित्यानंदसाहू , ग्रामीण
''हमन गे रहेंन पाखड़ चाउर के शिकायत करे बर, वहां साहब हर कहिस एक रुपया का बासमती चाउर मिलही। नी खाहा बाजार बिकत हे बेच देव। '' मकरध्वज,ग्रामीण
''हम सभी गांव वाले शिकायत करने पहुंचे थे पाखड़ चावल की लेकिन हमारी बात तो सुनना तो दूर ऐसी बात की गई कि चावल बेच दो नहीं तो जानवरों को खिला दो। '' कृष्णकांत पटेल, ग्रामीण।
बाजार में बिक रहा 11 रुपए में
खाने योग्य नहीं होने के कारण जिन लोगों का चावल मिलता है वह इसे बाजार में बेच रहे हैं। शासन द्वारा स्वीकृत दर के मुताबिक पीडीएस स्कीम के तहत हितग्राहियों को बांटे जाने वाले चावल की कीमत लगभग 24 रुपए प्रतिकिलो होती है। पाखड चावल मिलने पर मजबूरीवश ग्रामीण इसे 11 रुपए किलो के भाव से बाजार में बेच रहे हैं।
आए होंगे याद नहीं मेरे पास कोई नहीं आयारोशन लाल अग्रवाल, विधायकरायगढ़
प्र. कंडोला गांव के लोग पाखड़ चावल की शिकायत लेकर आपके पास थे।
उ. नहीं मेरे पास कोई शिकायत लेकर नहीं आया था इस प्रकार की।
प्र. गांव वालों का आप पर आरोप है कि उनकी समस्या सुनने के बजाय आप उन पर नाराज हो गए
सीधी बातके.के.घोरे, खाद्यअधिकारी
उ. मुझे समझ नहींं रहा है कि ऐसी बात दो महीने बाद क्यों उठी है।
प्र. कंडोला के लोगों की आपसे बात हुई थी।
उ. नही, दो महीने बारिश हुई थी, उसके प्रभावित लोग जो आए थे उनसे मेरी बात हुई थी।
आपके पास कंडोला गांव के लोग शिकायत करने आए थे?
उ. कोई आया होगा मुझे याद नहीं है रोज ही लोग आते रहते हैं शिकायत करने।
प्र. क्या आपने उनसे कहा था कि 1 किलो में बासमती चावल देंगे?
उ. मुझे याद नहीं कि मैने ऐसा कुछ कहा था। वैसे एक महीने बाद यह बात क्यों रही है।
प्र. एक महीने पहले आपके पास कंडोला से कोई आया था?
उ. आया होगा मुझे याद नहीं कि वह कंडोला से आया था कि कहां से आया था।
जांच करवाऊंगा
सीधी बात :पुन्नुलाल मोहले, खाद्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन
मामला सरिया विकासखंड के कंडोला गांव का
प्र. कंडोला गांव के लोगों ने पाखड़ चावल बांटने की शिकायत की है।
उ. नहीं पूरे प्रदेश भर में कहीं भी खराब चावल नहीं बांटा जा रहा है।
प्र. आपके विधायक अधिकारियों पर ग्रामीण इस प्रकार का आरोप लगा रहे है कि उन्होंने अभद्रता से बात की क्या यह ठीक है।
उ. मैं विधायक के मामले में क्या कर सकता हूं।
प्र. आप विधायक के मामले में कुछ नहीं कर सकते तो अधिकारियों का क्या?
उ. मै इस मामले की जांच करवाऊंगा।
खाद्य अधिकारी और विधायक पर ग्रामीणों के आरोप।