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लोग अब ऑनलाइन देख सकेंगे पीडब्ल्यूडी की सड़कों का हाल

7 वर्ष पहले
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पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई सड़कों की हालत क्या है, और जो सड़कें बनाई गई हैं उसकी हालत क्या है, किस कंपनी को इसके निर्माण का ठेका दिया गया है और इसकी लागत क्या है, लोगों को ऐसी सारी जानकारी अब ऑनलाइन मिल सकेगी। दरअसल, लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जाने वाली गुणवत्ताविहीन सड़कों की शिकायत पर राज्य शासन द्वारा ऑनलाइन डाटा तैयार किया जा रहा है। सारी यह सेवा 15 अगस्त से शुरू की जानी थी लेकिन एंट्री पूरी नहीं होने के कारण इसे अगले महीने से शुरू किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों सहित सभी स्टेट हाइवे तथा मुख्य जिला मार्गों की जानकारी जल्द ही ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जाने वाले भवनों तथा पुल-पुलियों की जानकारी भी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। इससे लोग सिर्फ सड़कों की हालत जान पाएंगे, बल्कि संबंधित विभाग द्वारा बनाई जाने वाली सड़कों सहित सभी निर्माण कार्यों की लागत, निर्माण एजेंसी, निर्माण अवधि तथा प्रगति रिपोर्ट सहित समस्त जानकारियां विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। इसके लिए राजधानी रायपुर में चिप्स द्वारा भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) तैयार की जा रही है। पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई जाने वाली सड़कें ज्यादातर सड़कों गुण‌वत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। शेषपेज 14





सड़केंखराब होने से परेशानी झेल रहे लोग लंबे समय तक सड़क में सुधार की गुहार लगाता हैं पर इसमें समय लगता है। माना जा रहा है कि सड़कों की जानकारी ऑनलाइन किए जाने से खराब सड़कों का सुधार जल्दी किया जा सकेगा। राज्य शासन के उच्चाधिकारियों के अलावा मंत्रियों की नजर होने से पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनाई जाने वाली सड़कों की क्वालिटी में ने केवल सुधार होगा, बल्कि सड़क निर्माण समय पर किया जा सकेगा। इस नई सेवा को शुरू किए जाने से पहले पिछले महीने रायपुर में विभाग के अधिकारियों इंजीनियरों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।

फैक्ट फाइल

{31मार्च 2014 की स्थिति में

स्टेट हाइवे सड़कों की लंबाई 312.30 किमी.

{ मुख्य जिला मार्ग सड़क की लंबाई 526.40 किमी.

{ विलेज रोड लंबाई 681.85 किमी.

{ कुल सड़कों की लंबाई 1520.61 किमी

हाईटेक व्यवस्था