पहले बताया पागल अब दे रहे हैं लाभ
एक शिक्षक रिटायर होने के बाद विभाग से मिलने वाली रिटायरमेंट सुविधाओं को पाने के लिए बार-बार डीईओ दफ्तर का चक्कर काट रहा था। जिला शिक्षा अधिकारी उसे पागल बताते हुए रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली सुविधाओं वंचित किया जा रहा था। जब भास्कर ने इस मामले की प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो अब वही डीईओ उसे बुला कर सारी सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं।
महापल्ली निवासी रिटायर शिक्षक उमाचरण गुप्ता को उसकी 41 साल की नौकरी के बाद मिलने वाले ग्रेच्युटी की राशि का चैक ठीक दो दिन पहले डीईओ कार्यालय में बुलाकर दिया गया। वही भविष्य निधि, पेंशन अन्य सुविधाएं उसे 30 सितंबर तक दिए जाएंगे। अपनी इरादों से मजबूत शिक्षक फिलहाल काफी खुश है। उसके मुताबिक पूर्व में विभाग के कर्मचारियों ने सभी रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले तमाम सुविधाएं मुहैया कराने रुपए मांगे थे, लेकिन अपने उद्देश्यों के चलते उसने किसी को रुपए देना मुनासिब नहीं समझा। वह अकेले ही विभाग से खिलाफ जाकर अपनी लड़ाई लड़ी। जिला शिक्षा अधिकारी ने उनको इस हरकत के लिए पागल ता बोल डाला था, लेकिन इन सब के बावजूद वह डटा रहा। विभाग ने रिटायर होने के 4 माह पूर्व से ही पीएफ की कटौती बंद कर दी जाती है, पर विभाग की लापरवाही के चलते उनके पीएफ की कटौती में एक माह को विलंब हुआ, जिसकी वजह से उन्हें यह लाभ एक माह के बाद ही मिल सका है।
नहीं करेंगे अनशन
विभागकी अनदेखी पर उमाचरण ने 2 अक्टूबर से गांधी चौक पर आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया था, इसके लिए उन्होंने पूरा मन भी बना लिया था, लेकिन तय समय से पहले सभी लाभ मिल जाने के से उन्होंने अपने फैसला यह फैसला वापस ले लिया है।
9 सितम्बर को प्रकाशित खबर।