- Hindi News
- कॉलेजों में प्रोफेशनल कोर्स से वंचित हैं स्टूडेंट्स
कॉलेजों में प्रोफेशनल कोर्स से वंचित हैं स्टूडेंट्स
जिलेमें यू तो 31 कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जिनमें से 12 शासकीय है, लेकिन किसी भी कॉलेज में साइंस विषय से संबंधित प्रोफेशनल या टेक्नीकल कोर्स को आज तक नहीं शुरू किए गए। इसकी वजह से हर साल सैकड़ों की तादात में स्टूडेंट्स अन्य शहरों का रुख करने को मजबूर हैं। शुरुआत में आर्ट्स, कॉमर्स साइंस जैसे विषयों के साथ उच्च शिक्षा की शुरुआत की गई थी, कॉलेज आज भी उसी ढर्रे पर चल रहे हैं। वही दूसरे शहरों के स्टूडेंट्स माइक्रोबॉयोलाजी, बायोटेक, बायोकेमेस्ट्री कम्प्यूटर साइंस जैसे प्रोफेशनल कोर्सेस की पढ़ाई कर इन क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षा की पढ़ाई के बावजूद जिले के ज्यादातर स्टूडेंट पिछड़ रहे हैं। उच्च-शिक्षा की वर्तमान स्थिति से लगभग ज्यादातर अभिभावक निराश हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह बेहतर विषय जॉब ओरिएंटेड कोर्स उपलब्ध होने के बावजूद शहर के बड़े कॉलेजों में इन पाठ्यक्रमों का शुरू नहीं किया जाना है। इसके चलते बड़े शहरों में अपने बच्चों इन विषयों पर शिक्षा दिला रहे अभिभावकों को इसके लिए आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं स्थानीय प्रोफेसरों ने ऐसे पाठ्यक्रमों को शुरू किए जाने पर हामी भरी। उनके मुताबिक वर्तमान में संचालित पाठ्यक्रमों के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराएं गए संसाधन पर्याप्त नहीं है। जिले भर के सभी कॉलेजों में शासन ने व्यवस्थित लैब से लेकर आवश्यक उपकरणों की उपलब्ध्ता नहीं करा सकी है। नए पाठ्यक्रम महत्वपूर्ण है, लेकिन इनके लिए अलग विभाग लैब की आवश्यकता होगी, जिसकी व्यवस्था शासन को पहले करानी होगी तब जाकर उच्च-शिक्षा के उद्देश्य की पूर्ति होगी।
{प्राचार्य प्रोफेसरों का अभाव {लैब में उपकरणों का अभाव {कार्यालयीन कर्मचारियों का अभाव {कक्षाएं संचालित करने क्लास रूम का अभाव {सेमीनार कक्ष का अभाव {स्वतंत्र लैब का अभाव {लाइब्रेरी का अभाव {लाइब्रेरियन का अभाव
कॉलेजों की वर्तमान स्थिति पर एक नजर
आवश्यक है, पर संसाधन पहले
^प्रोफेशनलपाठ्यक्रमों की जिलें को इस समय अत्यंत आवश्यक है, लेकिन पूर्व के संचालित विषयों के अबतक शासन संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं करा पाई है, जो स्टूडेंट्स के विकास के लिए बाधक बन रहा है। यदि प्रोफेशनल कोर्स शुरु किए जाते है, तो मैं चाहूंगा की पहले शासन सारी सुविधाएं मुहैया कराए उसके बाद ही यह शिक्षा सफल सिद्