रायगढ़। पिछले चुनावों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (इवीएम) में अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम में पार्टियों का नाम होता था लेकिन नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के नाम को वर्णमाला के क्रम से रखा जाएगा। इससे निर्दलीय प्रत्याशियों का नाम पहले और बड़े दलों के प्रत्याशी का नाम बाद में दिख सकता है। नगरीय निकाय चुनावों में इस बार राष्ट्रीय पार्टी के कद्दावर प्रत्याशी इवीएम के क्रम में नीचे हो सकते हैं। दरअसल निर्वाचन आयोग ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव के नियमों से हटकर नई व्यवस्था दी है।
अब तक राष्ट्रीयकृत पार्टियों के प्रत्याशियों का नाम अंग्रेजी वर्णमाला के आधार पर इवीएम के ऊपरी क्रम में जाता था लेकिन चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव के लिए सीधे प्रत्याशियों के नाम को वर्णमाला के आधार पर क्रमबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। इससे बड़ी पार्टियों के उम्मीदवार को ढूंढने में वोटर को मशक्कत करनी पड़ सकती है। ऐसा होने पर बड़े नामों को उन मतदाताओं से परेशानी हो सकती है जो जल्दीबाजी में इवीएम का बटन दबाते हैं। नगरीय निकाय चुनाव में इस्तेमाल किए जाने वाले इवीएम में 11 प्रत्याशियों के नाम आएंगे।
इसमें पहले महापौर पद के उम्मीदवारों के बाद पार्षद प्रत्याशियों का नाम होगा और दो बटन नोटा के लिए होंगे। इसके साथ एक लाल बटन नो-वोट का होगा। अगर प्रत्याशी केवल महापौर या पार्षद को ही वोट करना चाहे तो उसे वोट देने के बाद लाल बटन दबाना होगा।
शहर में 153 पोलिंग बूथ
580 इवीएम का होगा इस्तेमाल
नगरीयनिकाय चुनाव में पहली बार इवीएम का बटन दबाकर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। इसके लिए जिला निर्वाचन कार्यालय में 580 बैलेट यूनिट एवं 300 कंट्रोल यूनिट भेजी गई है।
शहर में पिछले चुनाव के 144 मतदान केन्द्रों के साथ इस बार 9 सहायक मतदान केन्द्र भी बनाए गए हैं। जिससे शहर में 101 संवेदनशील केन्द्र, 25 अतिसंवेदनशील तथा 27 सामान्य केन्द्र हो गए हैं। वहीं लैलूंगा में 15 धरमजयगढ़ में 15, खरसिया में 19 तथा घरघोड़ा, सरिया, बरमकेला, पुसौर एवं किरोड़ीमलनगर में 15-15 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।