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टैक्स और बिल को लेकर आमने सामने निगम बिजली विभाग

6 वर्ष पहले
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नगरनिगम पर बकाया बिजली बिल की वसूली को लेकर बिजली विभाग ने दबाव बनाने के बाद अब निगम ने भी पलटवार की तैयारी कर ली है और ढाई करोड़ रुपए के बकाया बिजली बिल पर नोटिस मिलने के बाद निगम बिजली विभाग को 3 साल के संपत्ति कर के बकाया बनाकर नोटिस देने की तैयारी कर ली है।

नगर निगम के स्ट्रीट लाइट, वाटर पंप और कार्यालयों के बिल बकाया को लेकर नगर निगम और विद्युत मंडल के बीच फिर से खींचतान शुरू हो गई है। एक तरफ बिजली विभाग ने नगर निगम के पंप एवं अन्य कनेक्शन काटने शुरू किए तो दूसरी तरफ निगम ने भी संपत्तिकर वसूलने की तैयारी कर ली है। उल्लेखनीय है कि 2011 में दोनों विभागों के बीच एेसी स्थिति बनी थी। जिस पर निगम ने पांच गुना जुर्माना राशि के साथ 15 साल का साढ़े चार करोड़ संपत्तिकर वसूला था, लेकिन जब बिजली विभाग ने इस संपत्तिकर का हिसाब लिया तो पता चला कि निगम ने करीब दो करोड़ 62 लाख रुपए अधिक संपत्ति कर वसूल किया है। इस पर स्थानीय स्तर पर विभाग ने निगम को और रायपुर विद्युत बोर्ड ने नगरीय प्रशासन को पत्र लिखकर बचत राशि की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद निगम ने रुपए नहीं लौटाए थे। विद्युत मंडल के अधीक्षण अभियंता सीएस सिंह की माने तो विभाग को किसी प्रकार का नोटिस नहीं मिला है, लेकिन इस बार वे पूरी तरह तैयार है। पिछली बार विभाग द्वारा 2 करोड़ 62 लाख रुपए अधिक का संपत्तिकर दिया गया है, जिसका हिसाब निगम ने अब तक नहीं दिया है।

तीन साल के संपत्तिकर का बिल बना डेढ़ करोड़

नगरनिगम के राजस्व विभाग ने विद्युत मंडल पर तीन साल के संपत्तिकर का करीब डेढ़ करोड़ रुपए बिल बनाया है। निगम की सीमा में विभाग की संपत्तियों के आंकलन के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई है और आयुक्त के हस्ताक्षर के बाद निगम द्वारा बिजली विभाग को नोटिस भी देने की तैयारी कर चुका है। इसे गलत बताते हुए बिजली विभाग ने इसका विरोध करने का फैसला लिया है।

नगर निगम पर ढाई करोड़ बिल बकाया

दिसंबरमाह तक नगर निगम का बिजली बिल के रूप में कुल 2 करोड़ 64 लाख रुपए का बकाया है। इसमें सबसे अधिक पंप कनेक्शन के 1 करोड़ 61 लाख, सड़क बत्ती के 52 लाख 12 हजार , कार्यालय अन्य कनेक्शनों से 9.59 लाख रूपए का बकाया बिल शामिल है। इसकी वसूली के लिए विभाग ने निगम को नोटिस देने के साथ कनेक्शन काटने की भी कार्रवाई की है।

कामर्शियल दर पर संपत्तिकर गलत....

^नगरनिगम विभाग से कमर्शियल दर पर संपत्तिकर वसूल करता है, जो की गलत है। अभी तक निगम की तरफ से काेई नोटिस नहीं आया है। पहले संपत्तिकर की राशि की जांच करेंगे, उसके बाद ही पूर्व की बचत राशि से सेटलमेंट कर बचत राशि वसूल की जाएगी। सीएससिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत मंडल