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स्वाइन फ्लू : ये उपाय बचाएंगे आपकी जान

6 वर्ष पहले
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प्रदेशमें स्वाइन फ्लू को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि अभी तक रायगढ़ जिले में स्वाइन फ्लू के मरीज सामने नहीं आए है। लेकिन जागरूक होकर सावधानी बरतना जरूरी है। हम खुद को थोड़ा जागरूक कर लें तो शायद इससे बच सकते हैं।

हम आमतौर पर सर्दी खांसी को बहुत सामान्य बीमारी मानते हैं। लेकिन शायद आपको यह जानकारी हैरान कर सकती है कि सामान्य दिखने वाली सर्दी खांसी भी स्वाइन फ्लू का कारण बन सकती है। किसी व्यक्ति को सर्दी-खांसी है और उसके साथ उसे सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है या 101 डिग्री से ज़्यादा का बुखार है तो इसे बिलकुल नजरंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये लक्षण स्वाइन फ्लू के हो सकते हैं। हर बार सर्दी-खांसी स्वाइन फ्लू का संकेत नहीं देती, फिर भी सर्दी-खांसी होने पर अतिरिक्त सावधानी रखना बेहद जरूरी है। क्योंकि उसके साथ यदि सांस लेने में तकलीफ होने लगे या तेज बुखार जाए तो तुरंत किसी अस्पताल में जाकर जांच कराना चाहिए, क्योंकि ज्यादातर मामलों में ऐसी स्थिति स्वाइन फ्लू का संकेत देती है और इसका का इलाज जितनी जल्दी शुरू किया जाए इससे बचने की संभावनाएं उतनी ज़्यादा बढ़ जाती हैं। ऐसी स्थिति में आराम करने के साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, ताकि डी-हाइड्रेशन ना हो। वर्ना मर्ज बढ़ सकता है।

आयुर्वेद पद्धति से भी इलाज कराकर बचा जा सकता है इससे

आयुर्वेदिकचिकित्सक डॉ. पुष्पा पटेल की माने तो तुलसी के पत्ते, कपूर और इलायची का उपयोग स्वाइन फ्लू के वायरस से बच सकते हैं। इन तीनों को समान मात्रा में लेकर पीस कर एक छोटी पुडिय़ा बनाकर अपने साथ रख लेना चाहिए। समय-समय पर इसकी खुशबू सूंघने से शरीर में इस वायरस का मुकाबला करने की शक्ति बढ़ जाती है।

एचआईवी से भी ज्यादा घातक है स्वाइन फ्लू की बीमारी

स्वाइनफ्लू का वायरस एच 1 एन 1 सही मायनों में एचआईवी से भी ज़्यादा घातक है, क्योंकि एचआईवी से पीड़ित होने पर किसी इंसान की तुरंत मौत नहीं होती। लेकिन तत्काल उचित उपचार ना मिलने पर सेकंड स्टेज का स्वाइन फ्लू एक हफ्ते में पीड़ित व्यक्ति को अपना शिकार बना लेता है। दूसरा एचआईवी सिर्फ चार कारणों से होता है, जिन्हें समझकर उससे बचा जा सकता है। लेकिन स्वाइन फ्लू वायरस हवा में तैरता है, उससे बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है।

ऐसे बचें

{जहां तक हो, भीड़ से बचकर रहें।

{ सेनेटाइजर का उपयोग करना बेहतर होगा।

{ ज्यादा लोगों से मिल रहे हैं तो थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ जरूर धोएं।

{ घर में किसी को सर्दी-खांसी-जुकाम हो तो उसे अलग रखें और खांसते समय मुंह पर रूमाल जरूर रखें।

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