हत्या का लगाया आरोप
17 सितंबर की सुबह 5.15 बजे जांजगीर चांपा के समपार फाटक के पाए एक बच्चे महिला की ट्रेन से गिर कर मौत हो गई थी। मामले में शुक्रवार को नया मोड़ गया, जब प|ी बच्चे की दशकर्म कार्यक्रम में पीड़ित की दूसरी प|ी पहुंची और आरोपी का भेद खुल गया। बहरहाल कोतवाली पुलिस अारोपी को जांजगीर जिले का मामला होेने की वजह से वहां की पुलिस को सौंप दिया।
विवाहेतर संबंध को मुकाम तक पहुंचाने और बीवी बच्चे के एलआईसी का लाभ लेने एक शातिर किस्म के अपराधी ने दुर्घटना और हत्या के बीच कुचक्र का ऐसा जाल बुना, जिसमें प|ी बच्चे को ट्रेन से धक्का देकर हत्या करने के बाद उसे ट्रेन दुर्घटना भी साबित कर दिया था,मगर मृतका की सहेली की सजगता और हिम्मत ने हत्यारे को हवालात के सीखचों के बीच पहुंचा दिया है। जशपुर जिले के बागबहार निवासी सत्यम नवरंग 36 वर्ष उसकी प|ी रजनी नवरंग 26 वर्ष और उनका पुत्र आयुष 3 वर्ष पिछले कुछ माह से रायगढ़ के बेलादुला में रह रहे थे। सत्यम नवरंग का लैलूंगा की एक युवती से विवाहेतर प्रेम संबंध था और वह अपनी प्रेमिका को प|ी बनाकर रखना चाहता था। प्रेमिका के शासकीय कर्मचारी होनें के कारण वह इसमें भी लाभ देखता था और इसी की वशीभूत होकर उसने अपने बीवी बच्चों को ठिकाने लगाने की ऐसी खतरनाक योजना बना डाली जिसे सुनकर रोंगटे खडे हो जाये। अपनी योजना को अंजाम तक पहुंचाने के लिये ट्रेन से ही फेंक दिया। 17 सितंबर को बिलासपुर में पिता की तबीयत खराब होने पर गोंडवाना एक्सप्रेस से बिलासपुर जाने के लिये निकला था। जहां जांजगीर के समपार रेलवे फाटक के पास उसकी बीवी बच्चे गिर गए। उसका पति का कहना था कि गिर गए जिससे उनकी मौत हाे गई। लेकिन अब उसकी दूसरी प|ी के सामने आने पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। इसमें आरोपी पति की साजिश थी कि बीवी बच्चों को रास्ते से हटाने के बाद वह अपनी प्रेमिका से विवाह कर लेगा और दूसरी ओर बीवी के एलआईसी का क्लेम भी उसे मिल जाएगा। गत 17 सितंबर को अपनी योजना को अंजाम देने के बाद इस हत्या को दुर्घटना के रूप में प्रचारित करते हुए उसने रेलवे पुलिस में इसकी सूचना दी और ट्रेन दुर्घटना का प्रमाण पत्र लेकर वापस गया। दूसरी तरफ सत्यम ने अपनी प्रेमिका को कुंवारा होने का झांसा दिया था और इसलिए वह चोरी छिपे उससे बात किया करता था। दुर्घटना के बाद भी उसे मोहल्लेवासियों ने किसी से देर-द