पेट्रोल दाम घटने पर भी सफर महंगा
पेट्रोल-डीजलके दाम में एक बार फिर गिरावट गई है। अब तक 9 से 10 बार पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो गए है,लेकिन बसों के किराए दामों में अभी तक कोई कमी नही आई है। पेट्रोल अब लगभग 50 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। इसके बावजूद भी यात्रियों को वाहनों का किराए कम होने के नाम ही नहीं ले रहे है। सारंगढ़ से रायगढ़, सारंगढ़ से सरायपाली, रायपुर एवं सारंगढ़ से बिलासपुर आदि कई रूटों के लिए सैकड़ो लोग बसों में सफर करते है। सामान्य बसों में अभी भी रायपुर तक का किराया दिन में 160 रुपए वही रात्रि में चलने वाली लग्जरी बस में 200रुपए ली जा रही है। जबकि डीजल के दाम 65 रुपए के आसपास था तो उस वक्त से बढ़ा हुआ वाहन किराया का दर अभी भी लिया जा रहा है।
अब डीजल का दाम घटकर 52 रुपए हो गया है। इसके बाद भी वाहनों का किराया जैसा का तैसा बना हुआ है। वही सारंगढ़ से रायगढ़ बस किराया 50 रुपए एवं नीजि वाहन करके रायगढ़ जाता है तो उससे 1500 रुपए की दर से लिया जाता है या फिर प्रति किलोमीटर के हिसाब से रुपए लिया जाता है। वही सारंगढ़ से बिलासपुर के लिये 100 रुपए तक किराया लिया जा रहा है।
नही मिल रहा आम आदमी को लाभ
बीते5 से 6 माह में डीजल का दाम लगभग 9 से 11 रुपए कम हुआ है, वही पेट्रोल का दाम 13 रुपए तक कम हुआ है। आदमी के लिए यह राहत सीधे तौर पर जनता को नहीं मिल पा रहा है। इसका फायदा मात्र वाहन मालिक ही उठा रहे है, जबकि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते ही व्यवसायी इनका बहाना कर खाद्य वस्तुओं से घर के सजावटी सामानों तक के दाम बढ़ाते रहे है।
6 माह पूर्व मोदी के चुनाव के समय पेट्रोल 78 रुपए और डीजल 64 रुपए प्रति लीटर रेट था, जो आज पेट्रोल 58.79 रुपए और डीजल 51.70 रुपए प्रति लीटर है।
ट्रैक्टर मालिक कर रहे अवैध परिवहन, ले रहे अधिक किराया
यहांतक कि स्थानीय स्तर पर ट्रैक्टर आदि से सामान लाने ले जाने का भी किराया दिनों दिन बढ़ रहा है। इसमें ट्रैक्टरों से मकान बनाने के लिए ईंट, मिट्टी, रेत आदि सामाग्रियों के परिवहन में भी लोगों को डीजल कम होने का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जब पेट्रोल-डीजल का दाम बढ़ रहा था, तो यात्री एवं ट्रांसपोर्टर आदि का किराया भी बढ़ता रहा। कई बार ऐसी स्थिति हुई कि कई दिनों तक बसों के पहिए भी दाम नही बढ़ाने की वजह से थमे रहे। डीजल के दाम में लगातार गिरावट से ही सरकार इस दिशा में निर्देश कर रही है और ही वाहन का किराया कम हो रहा है। मुसाफिरों को अभी भी बढ़े हुए दाम में सफर करना पड़ रहा है और जेब ढीली हो रही है।
^केन्द्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार आने के बाद से पेट्रोल और डीजल का रेट कम हुआ है। पिछले कुछ महीनों में डीजल 15 और पेट्रोल प्रति लीटर लगभग 20 रूपए कम हुआ। बस ऑपरेटरों द्वारा पेट्रोल डीजल के मूल्यों में वृद्धि होने पर किराए में वृद्धि कर दी। अब दाम कम होने के बाद किराया कम नह कर रहे। \\\'\\\' मनीषशर्मा, भा.ज.पा. सारंगढ़
^डीजल की दर में कमी का लाभ आम जनता को नही मिल पा रहा है। विगत महीनें में डीजल के दाम में रिकार्ड गिरावट आई है। लेकिन सारंगढ़ से रायपुर तक चलने वाली बसों में यात्री बस के किराए में कोई कमी नही आई है। \\\'\\\'धीरज यादव, कांग्रेस पार्षद