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एसडीएम बदले तो एनटीपीसी मुआवजा राशि की वसूली रुकी

6 वर्ष पहले
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शासनसे जमीन के पर टुकड़े पर पांच लाख रुपए मुआवजा राशि लेने वाले किसानों से जिला प्रशासन द्वारा मुआवजा रकम खाता निरस्त करने के बाद वापस ली जा रही हैं। पिछले दो महीने से प्रशासन की वसूली राशि नहीं बढ़ पाई है। इसकी वजह रायगढ़ एसडीएम बदल जाने को बताया जा रहा है।

दरअसल, तात्कालीन एसडीएम द्वारा करीब 100 किसानों से 4 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी थी, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद यह राशि वहीं पर अटकी पड़ी है। अभी 462 किसानों से करीब 13 करोड़ रुपए वसूली होनी बाकी हैं। जिस संजीदा से कलेक्टर ने जिले की अब तक की सबसे बड़ी घोटाले को उजागर कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की, उस हिसाब से अधिकारी मुआवजे की रकम को वापस लेने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। जो रकम तात्कालीन एसडीएम ने वसूल किया, वह एक बड़ी रकम थी। गौरतलब हो कि पुसौर ब्लाक के लारा में निर्माणाधीन एनटीपीसी कंपनी में जमीन का फर्जीवाड़ा सामने आया था। मामला सामने आते ही कलेक्टर ने सिर्फ फर्जी किसानों के खाता निरस्त करने के निर्देश दिए, बल्कि जो मुआवजा राशि दिया गया था उसे वापस लेने के भी निर्देश दिए। लिहाजा तात्कालीन एसडीएम द्वारा फर्जी किसानों को नोटिस जारी करते हुए राशि वापस करने के निर्देश दिए थे और तत्परता दिखाते हुए मुआवजा रकम की वसूली की जा रही थी। करीब डेढ़ से दो महीने के भीतर ही 100 किसानों से 4 करोड़ रुपए वसूल किए गए।

अब पिछले दो महीने से इस राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। दरअसल, प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही की वजह से फर्जी तरीके से मुआवजा प्राप्त करने वाले किसान रकम वापस करने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। रायगढ़ एसडीएम के अलावा जिला पंचायत सीईओ का मिला अतिरिक्त प्रभार नीलेश कुमार क्षीरसागर महादेवन पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा हैं।