टीटीई नहीं पहन रहे यूनिफार्म
रायगढ़|रेलवे बोर्डने टिकट पर्यवेक्षकों की पहचान के लिए एक यूनिफार्म तय किया है, ताकि अनपढ़ पैसेंजर भी उनक देखकर पहचान सके, लेकिन ट्रेनों प्लेटफार्म पर टिकट की जांच करने वाले सभी टीटीई रेल नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है। वे यूनिफार्म पहनना तो दूर ब्लेजर पर अपना नेम प्लेट लगाने तक में परहेज कर रहे हैं। उनकी इस लापरवाही के चलते यात्री ठगों का शिकार बन रहे हैं। पिछले कुछ माहों के दौरान अकलतरा से लेकर झारसुगड़ा के बीच फर्जी टीटीई के अबतक कुल तीन मामले सामने आए है, लेकिन इसके बावजूद टीटीई उससे सबक नहीं ले रहे हैं। रायगढ़ स्टेशन पर प्लेटफार्म पर टिकट की जांच करने वाले सभी टीटीई रंगीन यूनिफार्म में नजर रहे हैं। रेलवे ने इसके लिए व्हाइट पेंट, वाइट शर्ट, मेहरून टाई और ब्लेक ब्लेजर निर्धारित कर रखा है।
इसके साथ इन्हें तीन प्रकार के बैंच लगाना भी अनिवार्य हाेता है, लेकिन वे जींस और कलर फूल कपड़ों के ऊपर मात्र एक ब्लेजर डाल लेते है। उनके दिमाग में टीटीई की पहचान के लिए केवल ब्लेक ब्लेजर ही काफी है, जिसका फायदा ठग प्रवृत्ति के लोग आसानी से उठा लेते है। ट्रेनों में ठगी के मामले सामने आने के बाद रेलवे ने यूनिफार्म पहनना सभी को अनिवार्य कर दिया था, लेकिन इसे लेकर कोई भी टीटीई गंभीर नहीं है।
फर्जी टीटीई के तीन मामले
पिछलेदिनों रायगढ़ से लगे हुए स्टेशनों मे इस प्रकार लगभग तीन मामले सामने आए है। जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ झारसुगड़ा के बीच लोकल ट्रेनों में लोगों से फर्जी टीटीई बनकर रुपए की वसूली करते थे। चांपा अकलतरा स्टेशन के बीच एक व्यक्ति को अवैध वसूली करते पकड़ा गया था। इस मामले को ज्यादा समय नहीं हुआ है। तीसरा मामला रायगढ़ बेलपहाड़ के बीच सामने आया था।
^रेलवे बोर्ड ने यात्रियों और कर्मचारियों की पहचान के लिए प्लेटफार्म में कमर्शियल विभाग के लिए यूनिफार्म निर्धारित कर रखा है, इसमें टीटीई प्लेटफार्म ट्रेनों पर टिकट जांच के दौरान पहनना अनिवार्य है। ताकि यात्रियों को उन्हें पहचानें में कोई परेशानी हो। यात्री अपनी शंका दूर करने के लिए उनसे आईकार्ड की मांग तक कर सकते हैं। संतोषकुमार, सीनियरपीआरओ द.पू.म.रे. बिलासपुर