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पाइप बिछाने अब तोड़ेंगे गौरव पथ

6 वर्ष पहले
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हाई कोर्ट के स्टे के बाद जूटमिल में डायवर्ट होकर जाएगी पाइपलाइन

जलआवर्धन योजना में जूटमिल के पास हाई कोर्ट के स्टे के कारण अटके प्रोजेक्ट की बाधाएं दूर करने के लिए अब पाइपलाइन को डायवर्ट कर ले जाया जाएगा और शहर की प्यास बुझाने के लिए गौरवपथ को तोड़कर उसके नीचे से पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

शहर की जल आवर्धन योजना में न्यायालयीन प्रक्रिया के कारण हो रही देर के बाद अब पीएचई विभाग ने दूसरा तरीका ढूंढ निकाला है। जूटमिल के पास रिलेक्स होटल के नजदीक आकर पाइपलाइन अटकी हुई थी। इंटेक वेल से इस जोन में बिछाई जाने वाली पाइपलाइन के लिए इस होटल में तोड़फोड़ की जानी थी, लेकिन हाई कोर्ट ने व्यवसायी की अपील पर फैसला देते हुए हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी इससे 2 सालों से मामला अटका हुआ था। अब पीएचई के इंजीनियरों ने पाइपलाइन के लिए दूसरी ड्राइंग डिजाइन बनाकर इसे डायवर्ट कर ले जाने का प्लान बनाया है। इसके लिए जूटमिल में बने गौरवपथ को तोड़कर उसके नीचेे से पाइपलाइन डाली जाएगी। गौरवपथ में संभावित तोड़फोड़ के लिए निगम द्वारा मंजूरी नहीं दी जा रही थी लेकिन प्रशासन के निर्देश पर निगम भी इसके लिए सहमत हो गया है और रिलैक्स होटल के पास अटकी पाइप लाइन को आगे बढ़ाने के लिए रास्ता भी साफ हो गया है।

उल्लेखनीय है कि 4 सालों से निर्माणाधीन इस योजना में शहर में कुल 90 लाख लिटर पानी भंडारण की क्षमता वाली 5 टंकियों से पानी सप्लाई होनी है और इसमें से जूटमिल जोन की ही पानी टंकी ही बनकर तैयार नहीं हो सकी है। विभाग के मुताबिक भी इसे दिसम्बर माह तक पूर्ण करने का दावा किया जा रहा है।

जूटमिल में रिलेक्स होटल तक आकर लटकी पाइपलाइन।

शहर में भी होगी तोड़फोड़

पीएचईद्वारा जल आवर्धन योजना के तहत शहर में बिछाई जाने वाली 93 किमी पाइपलाइन में 2 साल में अब तक केवल 56 किमी पर ही काम हो सका है और इसमें से ज्यादातर शहर के बाहरी इलाकों में ही हुआ है।100 से 500 एमएम तक के लगने वाले पाइपलाइन के लिए अब शहर के मुख्य मार्गों और सुभाष चौक,सदर बाजार जैसे व्यवसायिक इलाकों में भी आंशिक रूप से तोड़फोड़ की जाएगी।

रेलवे ने मांगे 13 लाख

केलोब्रिज के नीचे से पाइपलाइन ले जाने के लिए अनुमति देने के लिए साल भर इंतजार कराने के बाद अब रेलवे ने इसके लिए अनुमति तो दे दी है, लेकिन नदी में 70 मीटर पाइप लाइन बिछाने के लिए भारी भरकम सुपरविजन चार्ज मांगा है। रेलवे के इंजीनियरो की देखरेख में होने वाले 2 दिन के इस काम के लिए पीएचई से साढ़े 13 लाख रुपए का सुपरविजन चार्ज जमा कराने कहा गया है।





अब सरकारी विभाग द्वारा ही मांगे गए इस मनमाने फीस के बाद योजना की लागत भी बढ़ जाएगी।

^जूटमिल के पास पाइपलाइन को डायवर्ट कर ले जाने का प्लान बनाया गया है। इसके लिए गौरवपथ पर निगम की अनुमति के बाद तोड़फोड़ की जाएगी। केलो ब्रीज पर भी परमिशन के लिए रेलवे ने साढ़े 13 लाख का सुपरविजन चार्ज मांगा है। केएसकरसोलिया, ईई,पीएचई