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पहले हटाए साक्ष्य, अब बच्चों पर भी बना रहे दबाव

4 वर्ष पहले
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खरसिया कमला नेहरू पब्लिक स्कूल में सेामवार को छत से गिरी छात्रा के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद प्रबंधन ने परिजनों को सूचना नहीं दी, बच्ची को तीन अलग-अलग अस्पतालों में दिखाने के बाद उसके दादा को फोन किया गया। घटना पुलिस के पहुंचने से पहले ही घटना स्थल की सफाई भी करा दी। इतना ही नहीं अब छात्रा के साथ पढ़ने वाली छात्राओं को बोलने पर डरा धमका रहे हैं।

शुक्रवार को खरसिया सर्व यादव समाज की महिलाएं और प्रीति के परिजन त्वरित न्याय की मांग लेकर रायगढ़ पहुंचे। सबसे पहले एसएसपी बीएन मीणा को ज्ञापन सौंपा और पुलिस के सुस्त रवैये से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि खरसिया पुलिस स्कूल प्रबंधन को बचाने का प्रयास कर रही है। इतने में एसएसपी ने खरसिया चौकी प्रभारी को फोन कर अबतक किए जांच की रिपोर्ट मांगी, फोन में फटकार लगाते हुए उन्होंने जल्द रिपोर्ट सौंपने की बात कही। वहीं परिजनों को आश्वासन देते हुए कहा कि मामले में जो भी दोषी होगा उस पर नियम अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।





इसके बाद सभी कलेक्टोरेट पहुंचे यहां कलेक्टर के नहीं होने पर डिप्टी कलेक्टर बीएस मरकाम को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने संबंधित मांग को कलेक्टर शम्मी आबिदी को अवगत कराने की बात कही। जिला शिक्षा अधिकारी आरएन हीराधर के पास पहुंचे, लेकिन वह कार्यालय में नहीं थे। उन्होंने सहायक शिक्षा संचालक दीप्ति अग्रवाल को ज्ञापन सौंप स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

00 17 जुलाई को छत से गिरी से छात्रा

17 जुलाई को कक्षा 10 वीं में पढ़ने वाली छात्रा प्रीति यादव छत से नीचे गिरी थी। वह खुद से नीचे गिरी थी या उसे धक्का देकर गिराया गया था। इस मामले में न तो स्कूल प्रबंधन और न ही पुलिस कुछ बता पा रही है। घटना में छात्रा को गंभीर चोटें आई, समय पर सही इलाज भी नहीं मिला, जिससे उसकी मौत हो गई थी।



00 स्कूल के बाजू में घर फिर भी नहीं दी सूचना

छात्रा के दादा बेदीलाल यादव ने बताया कि स्कूल के बाजू में उनका घर होने के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने उन्हें घटना की जानकारी देरी से दी। जब तक उन्हें इस बात की जानकारी मिली, शिक्षक उसे तीन अस्पतालों में घूमा चुके थे। इस हादसे के पीछे प्रबंधन की गलती है, इसलिए सभी मामले को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।

कुछ भी स्पष्ट नहीं पूछताछ जारी है
मामले में अबतक कुछ भी स्पष्ट नहीं है। छात्राओं के बयान अब तक पूरे नहीं हुए हैं। अब तक जांच में सिर्फ यही बात सामने आ रही है कि घटना वाले दिन प्रीति ने एक भी क्लास अटेंड नहीं किया था, लेकिन वह छत पर कैसे पहुंची और नीचे कैसे गिरी इस पर पूछताछ जारी है। टीएन मालाकार, चौकी प्रभारी खरसिया

प्रीति खुदकुशी नहीं कर सकती
कलेक्टोरेट पहुंचे छात्रा के मामा राकेश यादव ने बताया प्रीति रोज की तरह हंसते मुस्कुराते स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। यदि खुदकुशी करनी होती तो वह घर की छत से छलांग लगाती स्कूल का नाम क्यों खरा करती है। इसके पीछे कोई बड़ी वजह है, जिसे स्कूल प्रबंधन छिपा रहा है।

सूचना के बाद भी तीर्थ गया मालिक
सर्व महिला यादव समाज की अध्यक्ष पंकज लता यादव ने बताया कि मामले में पुलिस आरोपियों का साथ दे रही है। यही वजह है कि चार दिन बाद भी मामला स्पष्ट नहीं हो सका है। इधर स्कूल मालिक खरसिया में होने के बावजूद अस्पताल नहीं पहुंचा। घटना की सूचना मिलने के बाद भी वह बाबाधाम तीर्थ पर निकल गए।

खरसिया स्कूल की घटना
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