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तोता गुड़ाखू परिवार के झगड़े में अशोक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

5 वर्ष पहले
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खरसिया के तोता गुड़ाखू परिवार के सदस्य अशोक अग्रवाल पर बुधवार की शाम कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अशोक के भाई आनंद अग्रवाल की शिकायत को प्रांरभिक जांच में सही पाने के बाद कोतवाली पुलिस ने जुर्म दर्ज किया है। इसके पूर्व आरोपी अपनी मां द्रोपदी अग्रवाल के साथ बड़े भाइयों के खिलाफ कई मामले दर्ज करा चुका है।

आनंद अग्रवाल व प|ी नीमा अग्रवाल अशोक अग्रवाल व प|ी सुधा देवी ने मिलकर 27 अक्टूबर 2004 को मे. दादू बिल्डर्स एंड डेवलपर्स नाम से फर्म का गठन किया था। इस फर्म ने वर्ष 2007 में रियल इस्टेट कारोबार शुरू किया। चार पार्टनर्स की फर्म ने कोतरा रोड थाने के सामने मंगलूडीपा बाइपास में गजानंदपुरम कालोनी प्रोजेक्ट शुरू की। इस फर्म में चारों हिस्सेदार थे। कालोनी में स्वतंत्र मकान और फ्लेट्स का निर्माण शुरू किया गया। इस फर्म में किसी भी एक सदस्य को अन्य सभी पार्टनर्स की जानकारी या सहमति के बिना फर्म की संपत्ति को बेचने या हस्तांतरित करने का अधिकार नहीं था। 12 अगस्त 2016 को प्रार्थी आनंद अग्रवाल पिता स्व. गजानंद अग्रवाल की कोतवाली थाने में शिकायत के मुताबिक उसके भाई और पार्टनर अशोक अग्रवाल ने उनके और नीमा अग्रवाल की जानकारी या सहमति के बगैर गजानंदपुरम कालोनी में 44 प्लाट्स विभिन्न क्रेताओं को बेच दिए। इससे प्राप्त एक करोड़ 16 लाख 52 हजार 400 रुपए भी अशोक ने अकेले ही ले लिए। आनंद अग्रवाल के कानून सलाहकार मुकेश गोयल ने बताया कि उक्त विक्रय विलेख (सेल डीड) में अशोक के अलावा किसी अन्य पार्टनर के हस्ताक्षर या अधिकार पत्र संलग्न नहीं किए गए हैं और न ही किसी तरह की पावर आफ अटार्नी अशोक अग्रवाल के नाम दी गई। उन्होंने तत्कालीन पंजीयक की भूमिका को भी इस मामले में संदिग्ध बताया है। भास्कर को प्राप्त 44 खरीददारों की सूची मिली है जिसके मुताबिक अशोक अग्रवाल ने फर्म में पार्टनर अपनी प|ी सुधा देवी को भी एक प्लाट बेच दिया है।

क्या हो सकता है आगे
इस मामले को लेकर आनंद अग्रवाल ने हाईकोर्ट का भी रूख किया है। जानकारों के मुताबिक अगर पुलिस की जांच में बगैर पावर आफ अटार्नी या अन्य पार्टनर्स की सहमति के फर्म की संपत्ति को बेचने की पुष्टि हो जाती है तो 44 रजिस्ट्रियां (जमीन की बिक्री) निरस्त हो सकती हैं। अशोक व आनंद की लड़ाई का खामियाजा कालोनी के निर्दोष खरीदारों को भुगतना पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से खरसिया के इस रसूखदार तोता गुड़ाखू परिवार का झगड़ा सड़कों के बाद कोर्ट तक पहुंचा। शुरुआत अशोक अग्रवाल ने माता द्रोपदी अग्रवाल के साथ की और अपने बड़े भाइयों मुरलीधर और आनंद अग्रवाल के खिलाफ तीन मामले दर्ज कराए हैं। जानकारी के मुताबिक तीन मामलों में पुलिसिया कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई हुई है। अशोक अग्रवाल ने कुछ अन्य लोगों से भी आनंद अग्रवाल के विरुद्ध एफआईआर कराई है। माना जा रहा है कि फर्जी एफआईआर कराने वालों पर भी पुलिस नकेल कस सकती है।

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