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बालिका को पांच साल तक शासन प्रतिवर्ष देगा 5 हजार
राज्यशासन की एक और महत्वपूर्ण योजना शुरू हो गई है। इस योजना का नाम है नोनी, इस योजना के अंतर्गत बालिकाओं को ही लाभ मिलेगा। इस योजना को शुरू करने के पीछे शासन का उद्देश्य समाज से बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को दूर करना है। नोनी योजना के तहत शासन 1 अप्रैल 2014 के बाद जन्म लेने वाली बच्चियों को 12वीं की पढ़ाई और 18 वर्ष की आयु तक एक लाख रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में देगा। इसके पहले बालिका इस योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे।
शासन बालिका के नाम पर भारतीय जीवन बीमा निगम में पांच साल तक हर साल पांच हजार रुपए जमा करेगी। लिहाजा 18 वर्ष पूर्ण होने 12वीं की पढ़ाई पूरा करने के बाद बालिकाएं इस पैसे को प्रोत्साहन राशि के रूप में प्राप्त कर सकेंगी। राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश की बालिकाओं के लिए नोनी सुरक्षा योजना की शुरूआत कर दी है। इस योजना में बालिकाओं को बारहवीं कक्षा तक पढ़ाई पूर्ण करने और 18 वर्ष की उम्र तक विवाह नहीं करने पर एक लाख रुपए अथवा शासन द्वारा निर्धारित परिपक्वता राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। परिपक्वता राशि एक लाख रुपए से कम नहीं होगी। यह योजना सितंबर माह से शुरू की जा रही है लेकिन इस योजना में उन बच्चियों को भी शामिल किया जाएगा, जो 1 अप्रैल 2014 से पहले पैदा हुई हैं। राज्य सरकार के घोषणा पत्र 2013 में और वित्तीय वर्ष 2014-15 के बजट में इस योजना के क्रियान्वयन की घोषणा की थी। नोनी सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन के लिए सभी जिला कलेक्टरों और विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों को परिपत्र भेज कर दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
छत्तीसगढ़ में बालिकाओं की शैक्षणिक स्थिति और उनकी सेहत की स्थिति में सुधार करने बालिकाओं के अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने, कन्या भ्रूण हत्या रोकने, बालिकाओं के जन्म के प्रति जनता और समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। बाल विवाह की सामाजिक बुराई को दूर करना भी इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य है। योजना के अंतर्गत पंजीकृत बालिका का 18 वर्ष तक विवाह होने एवं कक्षा बारहवीं तक शिक्षा पूर्ण होने पर ही योजना का लाभ मिलेगा।
दोसंतान वालों को ही लाभ
योजनाका लाभ दो संतानों (बालिकाओं) तक सीमित होगा अर्थात यदि दो बालक के पश्चात तीसरी बालिका है, तो योजना में लाभ की पात्रता नहीं होगी। प्रथम अथवा