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ग्रामीणों की बैठक में रणनीति तैयार, 2 अक्टूबर को कोयला सत्याग्रह

7 वर्ष पहले
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15 गांव के लोगों की बैठक में एजेंडा तय।

भास्करन्यूज|रायगढ़

2अक्टूबर गांधी जयंती के दिन तमनार के गारे में कोयला सत्याग्रह किया जाएगा। इस सत्याग्रह की तैयारी जोरों पर है। रविवार को सरस माल में करीब 15 गांवों के ग्रामीणों के साथ दूसरे राज्यों के सामाजिक कार्यकर्ता भी इस बैठक में शामिल हुए और 2 अक्टूबर को कोयला सत्याग्रह के लिए रणनीति तैयार की। गारे गांव से शुरू होने वाले कोयला सत्याग्रह के लिए पूरे देश भर से सामाजिक कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगता है।

हमारी जमीन, हमारा कोयला की आवाज बुलंद हो रही है। रविवार को करीब 15 गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों के साथ कुछ बाहरी राज्य के सामाजिक कार्यकर्ता भी इस लड़ाई में भाग लेने के लिए तमनार गारे पहुंच चुके हैं। रविवार को हुई बैठक में तैयारी संबंधी चर्चा का दौर चला वहीं कोयला सत्याग्रह दिवस के लिए पूरी रणनीति बनाई गई। इसमें बाहर से आने वाले कार्यकर्ताओं ग्रामीणों के लिए खाने पीने की व्यवस्था के साथ शांति पूर्ण वातावरण में की जाने वाली विरोध के लिए खाका तैयार किया गया है। इस आंदोलन में हजारों की संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। लिहाजा उसी हिसाब से तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि दिल्ली में बैठे साहब कोल ब्लाकों का फैसला करते है। यह कहां का इंसाफ है। जबकि जमीन उनका है। किसान अपनी जमीन के नीचे के कोयला पर अपना हक पाना चाहते हैं। जिस प्रकार गांधी जी ने अपने देश की समंदर के पानी से नमक बनाकर नमक कानून को तोड़ा था। उसी प्रकार से ग्रामीण भी खुद से कोयला खोद कर कोयला कानून को तोड़ेंगे। ग्रामीणों की माने तो उनका उद्देश्य देश के कानून के खिलाफ नहीं जाना है, मगर इसमें जो विसंगतियां है उसके प्रति संसद में बैठे कानून के निर्माताओं का ध्यान आकर्षित करवाना है। किसान जिस जमीन पर पीढ़ियों से खेती किसानी का काम कर रहे हैं उससे जमीन छीन कर केवल रायल्टी के लिए दे देना इंसाफ नहीं है। इन चीजों को ध्यान में रख कर पिछले साल से ग्रामीण कोयला सत्याग्रह आंदोलन कर रहे हैं और आने वाले 2 अक्टूबर को फिर से यह आंदोलन होगा।

सरस माल बस्ती तक खुदाई

नियमकानून को पूरी तरह से दरकिनार करते हुए जिंदल कंपनी द्वारा कोयला खुदाई की जा रही है। ग्रामीणों की मानें तो सरस माल बस्ती कोयला खनन हो रहा है। इससे ग्रामीणों को सिर्फ प्रदूषण का खतरा है, बल