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फ्लाइ एश की अवैध डंपिंग से खेतों में फसल हो रही चौपट
जिलेमें फ्लाइ एश एक बड़ी समस्या बन गई है। जिले के उद्योगों से साल भर में लगभग साढ़े पांच लाख टन फ्लाइ एश निकलता है। बड़े उद्योगों के पास एश पोंड (तालाब नुमा जगह जहां फ्लाइ एश भरी जाती है) हैं जबकि छोटे उद्योग इस तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहीं विधिवत तो कभी यूं ही कहीं भी फ्लाइ एश डंप कर दिया जाता है।
इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है वहीं कृषि योग्य भूमि भी बंजर हो रही है। गेरवानी, सराईपाली अन्य गांव के लोग फ्लाइ एश की अवैध डंपिंग से परेशान हैं। भाजयुमो ने इसकी शिकायत जिला पर्यावरण अधिकारी से करते हुए फ्लाइ एश की अवैध डंपिंग को रोकने की मांग की है।
ज्ञापन में उन्होंने बताया है कि गेरवानी के स्थित नव दुर्गा एवं मां काली कंपनी द्वारा कंपनी से निकलने वाले जहरीले फ्लाइ एश को गांव के बीच खेतों में फेंका जा रहा है। इससे किसानों की फसल चौपट हो रही है। ग्राम गेरवानी, सराईपाली, देलारी भोई, खुर्री में लगातार सड़क किनारे अवैध डंपिंग की जा रही है। इसकी कई बार शिकायत की गई, पर पर्यावरण अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में मितेश शर्मा, राजू, विक्की, सोनू, किशन, बबलू सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं।
इधर रायगढ़ स्पंज आयरन मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि सराईपाली, भुईकुर्री के अासपास उनकी कंपनियां फ्लाइ एश नहीं डाल रही है। कुछ छुटभैये नेताओं द्वारा उद्योगों तथा विभागों के अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने के लिए ऐसा प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बहरहाल मामला जो भी हो पर्यावरण विभाग को जांचकर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।