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शिक्षाकर्मी परीक्षा के समय हड़ताल पर गए तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

5 वर्ष पहले
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शासन के निर्देश पर जिपं सीईओ ने जारी किया आदेश

28 सूत्रीय मांगो के साथ 15 से अनिश्चतकालीन हड़ताल

भास्कर न्यूज | रायगढ़

परीक्षा के समय यदि शिक्षाकर्मी हड़ताल पर गए तो होगी उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होना तय है। शासन के निर्देश पर जिपं सीइअो ने इसके लिए एक आदेश जारी किया है । वहीं अपनी 28 सूत्रीय मांगो के साथ 15 फरवरी से अनिश्चतकालीन हड़ताल करने वाले शिक्षाकर्मी संघ ने आदेश के बाद भी हड़ताल से पीछे हटने से इंकार कर दिया है।

बोर्ड एग्जाम के समय हो रही शिक्षाकर्मियों की हड़ताल के कारण इस बार शासन एवं संघ के बीच आरपार की स्थिति बन गई है। बीते लंबे समय से वेतन विसंगति एवं संविलियन की मांग के साथ अपने अधिकारों की दुहाई देकर विरोध कर रहे शिक्षाकर्मी सोमवार से हड़ताल पर जा रहे हैं। प्रदेश व्यापी हड़ताल के आह्वान पर जिले में भी करीब 9 हजार 700 शिक्षाकर्मियों ने शाला बहिष्कार का मन बनाया है और 15 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। इस दौरान जिला मुख्यालय से लेकर विभिन्न जनपदों एवं बीईओ कार्यालयों के सामने शिक्षाकर्मी विरोध प्रदर्शन करेंगे और अपनी 28 बिंदुओं की मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठेंगे। वहीं राज्य शासन ने भी बोर्ड एग्जाम के दौरान होने वाली हड़ताल को लेकर अग्रिम तैयारियां शुरू कर दी हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त एसके जायसवाल ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले शिक्षाकर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश सभी जिलों में जारी किए हैं। रायगढ़ जिले में भी जिपं सीईओ डीके अग्रवाल ने इस आदेश के अनुरूप सभी जनपद पंचायत सीईओ को आदेश दिए हैं और हड़ताली शिक्षकों पर कार्रवाई करने कहा है। जिससे हड़ताल से पहले ही शिक्षाकर्मियों एवं प्रशासन के बीच तकरार बढ़ गई है।

38 दिन चली थी हड़ताल
इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से 26 माह पहले भी शिक्षाकर्मियों ने लंबा विरोध किया था। दिसंबर 2013 मेें शुरू हुई वह हड़ताल भी 38 दिनों तक चली थी। शासन ने उस वक्त 8 साल की सेवा पूरी होने पर शिक्षाकर्मियों को पुनरीक्षित वेतनमान व भत्ते देने का वादा किया था पर बाद में महंगाई भत्ता को शामिल किया गया।

। और अब दोबारा से वही स्थिति बनी है।

मांगों पर संशय बरकरार
शिक्षाकर्मी इस बार अपने संविलियन की मुख्य मांग पर अड़े हैं। जबकि शासन ने साफ कर दिया है कि शासकीय कर्मचारी नहीं होने के कारण ऐसा मुमकिन नहीं है। इसके अलावा छठा वेतनमान देने, दूसरे सभी भत्ते देने, पदोन्नति एवं इसी तरह की करीब 28 मांगें हैं। जिससे सरकार द्वारा भी इसे पूरा करने में संशय है।

बोर्ड एग्जाम भी होगा बाधित- 10वी एवं 12वीं के लिए बोर्ड एग्जाम 23 फरवरी से शुरू हो रहे हैं। परीक्षा केन्द्रों में स्टूडेंट्स की बैठक व्यवस्था के लिए एग्जाम से कुछ दिन पूर्व ही तैयारियां शुरू हो जाती है और एग्जाम हाल में ड्यूटी के लिए भी बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मियों की मदद ली जाती है लेकिन हड़ताल के कारण यह काम प्रभावित हो सकता है।

शासन के आदेश से शिक्षाकर्मी भयभीत नहीं हैं। वहीं पूर्व से तय 28 सूत्रीय मांगो के साथ प्रदेश व्यापी आह्वान पर जिले में भी सभी शिक्षाकर्मी सोमवार से बेमियादी हड़ताल पर बैठेंगे। गिरजा शंकर शुक्ला, अध्यक्ष शिक्षाकर्मी संघ

बोर्ड एग्जाम के समय पढ़ाई प्रभावित हुई और जिले में यदि शिक्षाकर्मी हड़ताल पर गए तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शासन के आदेश के अनुसार हमने सभी जनपदों में आर्डर जारी कर दिए हैं। दीपक कुमार अग्रवाल, सीईओ जिपं

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