पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

भास्कर एक्सक्लूसिव

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मार्च के बाद सारागांव व खरसिया के आउटर में नहीं रुकेगी ट्रेनें
सेक्शन के सारागांव और खरसिया के बीच तीसरी लाइन का निर्माण कार्य 90 फीसदी पूरा हो चुका है। रेलवे मार्च अंत तक निर्माण कार्य पूरा कर अप्रैल से कमीशनिंग भी शुरू कर देगी। इसके बाद इस बीच ट्रेनों का बेवजह ठहराव नहीं होगा। दरअसल रूट में मालगाड़ी की संख्या अधिक होने से यात्री ट्रेनों को आउटर में ही रोक दिया जाता है। ऐसे में यात्रियों को काफी परेशानी होती थी, जिससे अब उन्हें छुटकारा मिलेगा।

नए रेल बजट में तीसरी लाइन को 506 करोड़ रुपए की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य में भी तेजी आई है। इसमें सबसे पहले सारागांव से खरसिया के बीच परिचालन शुरू करने की कवायद चल रही है। इस बीच 10 फीसदी निर्माण कार्य ही शेष है, जिसे पूरा करने माह भर का समय दिया गया है। ताकि तय समय पर कमीशनिंग शुरू की जा सके। उल्लेखनीय है कि चांपा से झारसुगड़ा के बीच 152 किलोमीटर तक तीसरी लाइन के निर्माण को 2008-09 में कुल 983.4 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली थी। पहले वित्तीय वर्ष में इसके लिए 150 करोड़ जिसमें पटरी बिछाने के लिए बेस, ब्रिज व अन्य निर्माण कार्य कराए गए, लेकिन फंड के अभाव में निर्माण की रफ्तार धीमी पड़ गई। दूसरे वित्तीय वर्ष में 2015-16 कार्य को 506 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली। इसके बाद निर्माण कार्य को गति मिली। अबतक करीब 40 फीसदी काम पूरा हो चुका है, वहीं 60 फीसदी कार्य अभी भी शेष है। जोनल मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार तीसरी लाइन का पूरा काम मार्च 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

किस सेक्शन में

कितना खर्चा
सिर्फ 67 ब्रिज का निर्माण
पूरे प्रोजेक्ट में छोटे बड़े दोनों प्रकार के कुल 136 ब्रिज का निर्माण किया जाना है। जिसमें अबतक सिर्फ 67 ब्रिज का ही निर्माण कार्य पूरा हो सका है। जिनमें इस बीच आने वाले 121 छोटे नाले व 15 नदी शामिल हैं। जिनमें से अभी भी 59 छोटे और 10 बडे़ ब्रिज का निर्माण किया जाना शेष है। वहीं केलो नदी पर बनने वाले ब्रिज के पिलर का कार्य पूरा कर लिया गया है। सिर्फ उस पर गर्डर लगाने का कार्य ही बाकी है।

तीसरी लाइन से ये होंगे फायदे
रेलवे को अतिरिक्त माल गाड़ी चलाने से होगा अधिक लाभ व इस रूट में नई ट्रेनों के शुरू होने की संभावना बनेगी। मुंबई हावड़ा रूट पर दबाव कम होने से ट्रेनों की चाल में सुधार होगी। किसी एक ट्रैक के प्रभावित होने पर ट्रेन के पहिए नहीं थमेंगे। ट्रेनों की लेटलतीफी से पैसेंजरों को छुटकारा मिलेगा। इससे यात्रियों को काफी सुविधा होगी, ट्रेनों में कोयले व खनिजों का परिवहन बढ़ने से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा।

तीसरी लाइन का निर्माण कार्य पूरा करने का टार्गेट 31 मार्च निर्धारित है। काम पूरा होते ही आगे के प्रक्रिया भी की जाएगी। पूरा फोकस तय समय में काम पूरा करने का है। रश्मि गौतम, सीनियर डीसीएम, एसईसीआर

डाउन लाइन जुड़ेंगी 18 से- तीसरी लाइन को बाराद्वार और झाराडीह ट्रैक के बीच डाउन लाइन से जोड़ा जाना है। जिसके दौरान बाराद्वार, जेठा, सक्ती व झाराडीह के बीच के चार रेलवे क्रासिंग बंद रहेंगे। बाराद्वार जेठा और जेठा सक्ती के स्थित रेलवे क्रासिंग बीच 18 फरवरी को रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगे। वहीं सक्ती झाराडीह और सक्ती झाराडीह के बीच यह 19,20,21 फरवरी को रात 8 से सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगे।

220 करोड़

बृजराजनगर-रायगढ़
250 कराेड़

झारसुगड़ा-बृजराजनगर
225 करोड़

खरसिया-रायगढ़
154.85 करोड़

चांपा-खरसिया
सारागांव से खरसिया 33 किमी, मार्च 2016

चांपा से सारागांव-9 किमी, मार्च 2017

खरसिया से जामगांव 53 किमी, मार्च 2017

जामगांव से ब्रजराज नगर-42 किमी, दिसंबर 2017

ब्रजराज नगर से जामगांव 11 किमी, मार्च 2018

चांपा से झारसुगड़ा 152 किमी, मार्च 2018

रायगढ़ स्टेशन के पास झारसुगड़ा की दिशा में निर्माणाधीन तीसरी लाइन का दृश्य

रेलवे की योजना कब कौन सा सेक्शन होगा शुरू
खबरें और भी हैं...