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बाल मेले में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की बिखरी छटा

5 वर्ष पहले
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नहरपाली के डीएवी स्कूल परिसर में मोनेट फाउण्डेशन के बैनर तले बाल मेले का आयोजन किया गया। मेला में करीब तीन हजार बच्चे व लोगों ने शामिल हुए।

समारोह के मुख्य अतिथि एसडीओपी खरसिया अशोक वाडेगांवकर व विशिष्ट अतिथि कार्यपालक निदेशक पी अलगुराजन, पी के सिंह एवं मुख्य संचालन अधिकारी आशुतोष चरण, मानव संसाधन विभाग प्रमुख अनिल बीर और वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक पीकेएस बघेल थे। बाल मेले में बच्चों ने झूलों में खूब मस्ती की तो गिलास गिराओ बिस्कुट खाओ, रिंग फेंको इनाम जीतो जैसे गेम्स का मजा भी लिया। मेले में छात्रों के लिए विज्ञान मॉडल की प्रतियोगिता भी रखी गई थी। जिसमें पहला पुरस्कार डीएवी के छात्रों को मिला। जिसमें किसी भी संयंत्र में स्थापित चिमनी की उंचाई निकालना, नदी की चौड़ाई, हाइड्रोलिक पुल, त्रिभुज के तीनों कोणों का संबंध, पाचन तंत्र, श्वसन विधि, हार्ट अटैक व स्टील प्लांट का प्रमुख यूनिट, ब्लॉस्ट फर्नेस इकाई की प्रदर्शनी लगाई गई थी। पुरस्कार नहरपाली एवं भूपदेवपुर के मॉडल को मिला। रंगोली, मेहंदी एवं चित्रकला स्पर्धा में विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शासकीय उच्च्तर माध्यमिक स्कूल नहरपाली के बच्चों ने पहला स्थान प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर मिडिल स्कूल कुर्रूभांठा की टीम और तीसरा स्थान मिडिल स्कूल सिंघनपुर के बच्चों ने प्राप्त किया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी एनके द्विवेदी, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला समन्वयक आरके देवांगन, कार्यपालक निदेशक अलगुराजन द्वारा विजेता प्रतिभागियों एवं टीमों को पुरस्कृत किया गया। बाल मेले में मोनेट महिला मंडल की अध्यक्षा विजय लक्ष्मी, ज्योति बघेल, सिमरन शेखर एवं सदस्यों के सहित अन्य

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