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18 हजार 500 अभ्यर्थी देंगे पटवारी की परीक्षा

5 वर्ष पहले
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बैठक व्यवस्था के लिए परीक्षा केंद्रों की तलाश शुरू, 28 फरवरी को होगी परीक्षा

एजुकेशन रिपोर्टर | रायगढ़

जिले में पटवारी बनने के लिए इस बार 18 हजार 500 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए व्यापमं के मांग अनुरूप जिला प्रशासन ने गुरुवार को जिले के लीड कॉलेज को पत्र जारी व्यवस्था की संपूर्ण जानकारी मांगी है। जिसके आधार पर बैठक व्यवस्था के लिए परीक्षा केंद्रों की तलाश भी शुरू हा़े गई है।

परीक्षा का 28 फरवरी को आयोजित की जानी है। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर जिले के लीड डिग्री कॉलेज को सौंपी गई है। इसे लेकर कॉलेज प्राचार्य समस्त अधीनस्थ कॉलेजों को पत्र जारी कर अभ्यार्थियों के बैठक क्षमता अवगत कराने को कहा है। वहीं दूसरी तरफ जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूलों में भी इसकी बैठक क्षमता व उनमें व्यवस्था की मांग की गई है। यह समस्त जानकारी 15 फरवरी तक व्यापमं को देना है। जिसके चलते कॉलेजों को त्वरित जानकारी लीड कॉलेज को अवगत कराने कहा गया है। उल्लेखनीय है किया इस साल पूरे प्रदेश में पटवारी के 342 रिक्त पदों के लिए कुल 98 हजार आवेदन आए हैं। वहीं जिले के 43 रिक्त पदों के लिए करीब 19 हजार आवेदन आए। जिनकी स्क्रूटनी के बाद 18 हजार 500 अभ्यर्थी पात्र है, लेकिन अभ्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण इनकी बैठक व्यवस्था करने में व्यापमं के पसीने छूट रहे हैं। जिले वार बैठक व्यवस्था के लिए, कॉलेजों में अभ्यार्थियों की क्षमता, परीक्षा केंद्र और केंद्राध्यक्षों के मोबाइल नंबर मांगे गए हैं।

जिले में सर्वाधिक अधिसूचित क्षेत्र होने के कारण उन्हें कम्प्यूटर से संबंधित डिप्लोमा के लिए एक साल अतिरिक्त समय दिया जाता है। यही वजह है कि पटवारी बनने बेरोजगारों की होड़ लग जाती है। पिछले साल इस पद के आवेदन कर्ताओं की संख्या पूरे राज्य में दूसरे स्थान पर थी। वहीं इस बाद भी जिले में पांच खरसिया, पुसौर, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा को इस बार भी अधिसूचित क्षेत्र घोषित किया गया है।

जिले में पिछले साल भी बैठक व्यवस्था को लेकर भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। स्थानीय स्तर पर पहले तो 134 रिक्त पदों के लिए आवेदन मंगाए गए। बाद पदों की संख्या में बढ़ोत्तरी कर इसे 151 कर दिया गया। इसके लिए करीब 20 हजार अभ्यार्थियों ने आवेदन किए । जिनकी बैठक व्यवस्था शहरी क्षेत्र के स्कूल कॉलेज के साथ-साथ नजदीकी ब्लॉकों में भी की गई थी।

इसलिए आवेदन अधिक
पिछले साल भी

यही स्थिति
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