पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

जल आवर्धन का काम अब भी अधूरा, गर्मी में जलसंकट तय

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
वर्ष 2008 में शुरू की गई जल आवर्धन योजना आठ साल के बाद भी अधूरी है। शहर के भीतर और बाहरी वार्डों में पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा नहीं हो सका है। योजना को पूरा करने का समय बार-बार बदला जा रहा है। योजना को पूरा करने में जितनी अनदेखी और लापरवाही की जा रही है उससे काम पूरा ही नहीं हो पा रहा है। माना जा रहा है कि गर्मी तक योजना पूरी नहीं हो पाएगी और शहर के कई हिस्सों में जलसंकट से निबटने दूसरे इंतजाम करने होंगे।

गर्मियों में शहर के कई इलाकों में जलस्तर नीचे गिरने से लोगों को पानी के लिए आसपास के बोर व दूसरों पर आश्रित होना पड़ता है। इससे निबटने के लिए 2008 में जल आवर्धन शुरू किया गया था। पीएचई द्वारा शहर में कोतरा रोड, चक्रधर नगर, रामलीला मैदान, जूट मिल व सर्किट हाउस के पास पानी की टंकियां बनाई गई हैं। चार टंकियों की क्षमता 20 लाख लीटर तथा सर्किट हाउस के पास बनी टंकी की क्षमता 10 लाख लीटर है। पांचों टंकियों की कुल क्षमता 30 लाख लीटर की है। पीएचई के इंजीनियर अधूरी पड़ी पानी टंकियों का निर्माण पूरा होने की बात कर रहे हैं। वर्तमान में चांदमारी में फिल्टर प्लांट भी बनकर तैयार है, लेकिन तकनीकी जानकार बता रहे हैं कि प्लांट में ढेरों खामियां है। वहीं शहर में 90 किलो मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जानी है। जिसे लेकर इंजीनियर 95 फीसदी काम पूरा करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन हैरत की बात यह है कि इतने सारे काम पूरा होने के बावजूद पानी की सप्लाई अबतक सिर्फ दो जोनों में ही शुरू किए गए हैं। इतना ही नहीं नगर निगम के द्वारा दिए जाने वाले इंटर कनेक्शन में भी देरी हो रही है। इसे लेकर कई बार संबंधित विभाग के कर्मचारियों का लोगों से विवाद हो चुके हैं।

पाइप लाइन 95 फीसदी पूरा
दो जोनों में पानी, तीन शेष
पाइप लाइन का काम लगभग 95 फीसदी पूरा हो चुका है। टंकियों के निर्माण कार्य भी पूरे कर लिए गए है। योजना अनुरूप शेष जाेनों में इसके लिए काम किया जा रहा है। जैसे ही काम पूरा होगा टेस्टिंग के बाद पानी की सप्लाई दी जाएगी। जेपी गोंड, एसडीओ, पीएचई,

शहर में जल आवर्धन योजना को पांच जाेनों में बांटा गया है। जिसमें सिर्फ चांदमारी व अतरमुड़ा जोन को ही इसका लाभ मिल रहा है। जबकि शेष तीन जोनों में राजीव नगर, जूटमिल, गौशाला रामलीला मैदान क्षेत्र में पानी की सप्लाई नहीं अबतक शुरू नहीं हो सकी है। वहीं चांदमारी और अतरमुड़ा में भी इसका लाभ थोड़े बहुत उपभोक्ताओं को ही मिल रहा है।

तय समय से 3 साल अधिक
इस योजना को पूरा करने के लिए पांच साल का वक्त दिया गया था। जो 2013 में ही समाप्त हो चुकी है। ऐसे में विभाग पीएचई ने निगम को मार्च 2015 तक काम पूरा कर सौंपने की बात कहीं थी। लेकिन विभाग तय समय पर काम पूरा नहीं सकी। निर्माण कार्य को तीन साल अतिरिक्त समय मिल चुका है। जिसके बावजूद यह अबतक अधूरा है।

जल आवर्धन योजना अंतर्गत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी की हो रही प्रोसेसिंग।

खबरें और भी हैं...