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पीडीएस सिस्टम

5 वर्ष पहले
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बायोमेट्रिक से राशन देने की तैयारी
फूड सेक्रेटरी का निर्देश विभाग अप्रैल से अपनाएगा फार्मूला
पीडीएस में आधार के बाद अब बायोमेट्रिक से राशन देने की तैयारी शुरू हो रही है। पीडीएस में धांधली रोकने एवं पारदर्शिता लाने के लिए फूड सेक्रेटरी ने इसके लिए निर्देश दिए हैं और अब राशन दुकानों में बायोमेट्रिक से थंब इंप्रेशन के साथ आइरिश की इमेज मैच होने के बाद ही खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा।

राशन दुकानों में बैंक खाते एवं आधार नंबर के बाद अब आंखों की रेटिना एवं अंगूठे के निशान लिए जाएंगे। खाद्यान्न वितरण में हितग्राहियों को दोहराव रोकने तथा किसी भी किस्म की गड़बड़ी रोकने के लिए शासन ने इसके लिए निर्देश दिए हैं। जिसके बाद अब राशन दुकानों में चावल, गेहूं, शक्कर एवं केरोसीन लेने के लिए हितग्राही को अपने अंगूठे का निशान भी देना होगा।

इसके लिए पीडीएस ऑपरेटरों को बायोमेट्रिक डिवाइस दी जाएगी और राशन दुकान संचालक वितरण से पहले हितग्राही की आइरिश एवं थंब इंप्रेशन लेगा और राशन लेने वाले हितग्राही का यह डाटा मैच नहीं हुआ तो राशन नहीं मिलेगा। हालांकि बायोमेट्रिक डाटा लेने के लिए अलग से कोई शिविर लगाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि आधार कार्ड में इन दोनों की डिटेल उपलब्ध है। खाद्य विभाग शुरुआत में शहर के 3 पीडीएस दुकानों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे शुरू करेगा और फिर जिले की दूसरी दुकानों में भी इसे लागू कर दिया जाएगा। जिले में वर्तमान में 841 राशन दुकानें हैं और इनमें से करीब 120 दुकानों में टैबलेट से राशन का वितरण किया जा रहा है और आगे जाकर बायोमेट्रिक सिस्टम पूरी तरह लागू हो जाएगा।

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