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काल को भी टालता है महाकाल का इस अचूक मंत्र से ध्यान

Dainik Bhaskar

Jul 15, 2014, 03:00 AM IST

सावन महीने में महाकालेश्वर का इस मंत्र से स्मरण काल व मुसीबतों का टाल देता है।

ज़िंदगी में किसी भी रूप में असफलता या पतन का दौर मुश्किल से गुजरता है, किंतु व्यावहारिक तौर पर इस सच्चाई को भी नकारा नहीं जा सकता कि अच्छाई का संग मिलने से ही बुराई दूर होने लगती है। ज़िंदगी में किसी भी रूप में असफलता या पतन का दौर मुश्किल से गुजरता है, किंतु व्यावहारिक तौर पर इस सच्चाई को भी नकारा नहीं जा सकता कि अच्छाई का संग मिलने से ही बुराई दूर होने लगती है।
उज्जैन। ज़िंदगी में किसी भी रूप में असफलता या पतन का दौर मुश्किल से गुजरता है, किंतु व्यावहारिक तौर पर इस सच्चाई को भी नकारा नहीं जा सकता कि अच्छाई का संग मिलने से ही बुराई दूर होने लगती है। इसी सोच व आस्था से हिन्दू धर्म परंपराओं में बुरे वक्त, हालात या बदहाली से बचने के लिए शिव उपासना मंगलकारी मानी गई है, क्योंकि शिव भक्ति का मूल भाव ही शुभ कामों या बातों को अपनाना है।
खास तौर पर भगवान शिव का महाकाल स्वरूप काल के हर भय को दूर करने वाला माना गया है। शिव के इस अद्भुत स्वरूप की उपासना का फल केवल काल या मृत्यु को टालने के ही अर्थ में ही नहीं है, बल्कि संदेश है कि शिव भक्ति काल यानी वक्त को भी अनुकूल बनाने वाली है।

ऐसे ही भावना से सावन महीने में शिवपुराण के 1 मंत्र के साथ ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर का हर रोज विशेष मंत्र से ध्यान मात्र ही, न केवल बड़ा ही संकटमोचक व मंगलकारी माना गया है बल्कि सारे ग्रह दोष दूर कर गृह दशा सुधारने वाला भी।

शिव भक्ति के इस माह में खास दिन व तिथियों जैसे सोमवार, प्रदोष या चतुर्दशी को तो यहां बताए जा रहे आसान व अचूक शिव मंत्रों का स्मरण, खास तौर पर उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग के सामने या संभव न होने पर किसी भी ज्योर्तिलिंग या उनकी तस्वीर के सामने भी बोलें तो यह पलों में दु:ख, दरिद्रता, यहां तक कि काल का साया भी दूर करने वाला माना गया है।

अगली स्लाइड पर जानिए श्रीमहाकालेश्वर का मंगलकारी ध्यान मंत्र व आसान पूजा उपाय-
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ज़िंदगी में किसी भी रूप में असफलता या पतन का दौर मुश्किल से गुजरता है, किंतु व्यावहारिक तौर पर इस सच्चाई को भी नकारा नहीं जा सकता कि अच्छाई का संग मिलने से ही बुराई दूर होने लगती है।ज़िंदगी में किसी भी रूप में असफलता या पतन का दौर मुश्किल से गुजरता है, किंतु व्यावहारिक तौर पर इस सच्चाई को भी नकारा नहीं जा सकता कि अच्छाई का संग मिलने से ही बुराई दूर होने लगती है।
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