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भोपाल की सुलेमानी चाय: नाम पर मत जाइए, दम हो तो पीकर दिखाइए

चाय के शौकीनों के लिए जाना-माना नाम है भोपाल का राजू टी स्टॉल। यहां पर सुबह से देर रात तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है।

Danik Bhaskar | Feb 05, 2018, 11:53 AM IST

चाय के शौकीनों के लिए जाना-माना नाम है भोपाल का राजू टी स्टॉल। यहां पर सुबह से देर रात तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। यहां पर लोग चाय की चुस्कियों के बीच बाॅलीवुड, राजनीति, शहर की घटनाओं आदि पर चर्चा करते कभी-भी देखे जा सकते हैं। वर्ष 1990 में छोटी-सी गुमटी खोलकर फरीद नामक युवक चाय बेचने का काम शुरू किया था। शुरू में यहां इक्का-दुक्का लोग चाय पीने आते थे। एक बार जिसने भी यहां की चाय पी, वह दोबारा यहां चाय पीने जरूर आया। धीरे-धीरे लोगों तक इस दुकान की चाय के चर्चे होने लगे। आज आलम यह है कि फरीद को दुकान संभालने के लिए कर्मचारी रखने पड़े। । एक बार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर बिमल जालान ने भी यहां की चाय पी थी। जालान को चाय इतनी बढ़िया लगी कि उन्होंने फरीद को अपने आटोग्राफ वाला 100 रुपए का नोट सम्मान में दे दिया।

यहां चाय के साथ-साथ नाश्ता भी मिलने लगा है। समोसा, कचौरी, पोहा, जलेबी, मंगोड़े, लौकी का हलवा खाने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे हैं। चाय में सिर्फ दूध का इस्तेमाल करते हैं, उसमें एक बूंद भी पानी नहीं मिलाया जाता है। इसके साथ ही बेहतर क्वालिटी की चाय-पत्ती इस्तेमाल की जाती है।

नमक वाली चाय आज भोपाल की पहचान बन चुकी है। पुराने से दिखने वाले चीनी मिट्टी के कप- प्लेटों में भाप छोड़ती गर्मागर्म चाय देखने में तो आम चाय सी ही नजर आती है, लेकिन ये है बेहद खास।

नमक वाली चाय है आज भोपाल के जायके की पहचान बन चुकी है। भोपाल की बेगम सिकंदर जहां एक बार तुर्की के दौरे पर गईं और वहां से इस नमक वाली चाय की रेसीपी लेकर आईं। बाद में पंजाब के महाराजा रंजीत सिंह ने भी नवाब हमीदुल्लाह को एक खास चाय के जायके का राज बताया और इस तरह भोपाल की नमक वाली चाय धीरे- धीरे नवाबों के महल में और फिर वहां से निकल कर शहर की होटलों में पहुंची और आज लोगों की आदत बन गई।

जायके बदलते रहे, लेकिन सुलेमानी चाय नहीं