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देश का ऐसा घर, भारत में है दरवाजा तो म्यांमार में खिड़की

भारत का एक ऐसा घर जिसके बीच से बॉर्डर लाइन गुजरती है। खाना एक देश में बनता है तो परिवार के लोग दूसरे देश में सोते हैं। य

Danik Bhaskar | Dec 19, 2017, 05:14 PM IST
भारत का एक ऐसा घर जिसके बीच से बॉर्डर लाइन गुजरती है। खाना एक देश में बनता है तो परिवार के लोग दूसरे देश में सोते हैं। ये सुनकर थोड़ा अजीब लग रहा होगा लेकिन हकीकत में ऐसा ही है। नगालैंड की राजधानी कोहिमा से 380 किलोमीटर की दूरी पर लोंगवा है, जो म्यांमार सीमा से लगता भारत का आख़िरी गांव है। 1970-71 में यहां से बॉर्डर लाइन गुजरी तो गांव को डिवाइड नहीं किया बल्की यहां के लोगों को भारत और म्यामार, दोनों देशों की नागरिकता दे दी गई। कहते हैं कि गांव के मुखिया के घर से ये बॉर्डर लाइन क्रॉस करती है। गांव में कोंयाक आदिवासी रहते हैं जिन्हें बेहद खूंखार माना जाता है। ये अपने क़बीले की सत्ता और ज़मीन पर क़ब्जे के लिए अक्सर पड़ोस के गांवों से लड़ाईयां किया करते थे। सदियों से इन लोगों के बीच दुश्मन का सिर काटने की प्रथा चल रही थी, जिस पर 1940 में रोक लगाई गई। हत्या या दुश्मन का सिर धड़ से अलग करने को यादगार घटना माना जाता था और इस कामयाबी का जश्न चेहरे पर टैटू बनाकर मनाया जाता था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ नगालैंड में सिर काटने की आख़िरी घटना 1969 में हुई थी।