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यहां आज भी मौजूद भीम की रसोई, 1700 टन वजनी चूल्हा

क्या आपने भीम की रसोई देखी है... अगर नहीं...तो आइए आपको ले चलते हैं तमिलनाडू के महाबलीपुरम में

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 02:33 PM IST
क्या आपने भीम की रसोई देखी है... अगर नहीं...तो आइए आपको ले चलते हैं तमिलनाडू के महाबलीपुरम में...जहां आज भी महाभारत काल से भीम की रसोई मौजूद है...इस रसोई की सबसे खास बात है, इसका चूल्हा, जो 1700 टन वजनी दो पत्थरों से मिलकर बना है...इतिहासकारों का कहना है कि ये रसोई कोई नेचुरल स्ट्रक्चर नहीं है..चूल्हे जैसा दिखने वाला ये स्ट्रक्चर करीब 1200 साल पहले किसी इंसान द्वारा बनाया हो सकता है...लेकिन स्थानीय लोग इसे 5000 साल पुराना यानी महाभारतकाल का मानते हैं... उनका विश्वास है कि 1700 टन वजनी चूल्हा 12 फुट के इंसान ने बनाया था...जो दरअसल महाबली भीम थे...हम इस बात का दावा नहीं करते कि ये स्ट्रक्चर भीम ने ही बनाया है, लेकिन आज के समय में इन पत्थरों उठाने में एक साथ 85 क्रेन की मदद लेनी पड़ सकती है और अगर, हाथियों की मदद ली जाए तो एक हाथी 6 टन वजन उठा सकता है...ऐसे में करीब 282 हाथियों की मदद लेनी पड़ेगी...महाभारत के मुताबिक, भीम की भुजाओं में 10 हजार हाथियों का बल था...जो बात की गवाही देते हैं ये स्ट्रक्चर उन्हीं के द्वारा बनाया गया था