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महाभारत के एकलव्य के बारे में एक ऐसी बात, जिसे जानकर आप रह जाएंगे हैरान

महाभारत के एकलव्य के बारे में एक ऐसी बात, जिसे जानकर आप रह जाएंगे हैरान

Danik Bhaskar | Nov 29, 2017, 06:35 PM IST

महाभारत का सीक्रेट नंबर 2

एकलव्य है आज की दुनिया के सारे तीरदांजों का गुरू

जब द्रोणाचार्य ने गुरूदक्षिणा में एकलव्य के दाहिने हाथ का अंगूठा मांग लिया तो उन्होंने सोचा था कि अब एकलव्य तीरंदाजी नहीं कर पाएगा औऱ उनका प्रिय शिष्य अर्जुन विश्व का सबसे बड़ा तीरंदाज बनेगा। लेकिन एकलव्य ने बिना अंगूठे के ही तीर चलाने की तरकीब निकाली वो बीच की अंगुलियों में ही तीर फंसाकर तीर चलाने लगा। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि आज के तीरदांज इसी तरीके को आदर्श मानते हैं। इसी तकनीक से एकलव्य बाद में महान तीरंदाज बना। जब जरासंध ने आगरा पर हमला किया तो एकलव्य ने उसकी मदद की। जरासंध ने एकलव्य को हस्तिनापुर के सभी वनों का राजा घोषित किया।