बायोटेक कोर्सेस में प्रवेश के लिए परीक्षा
बायोटेक्नोलॉजी के अलग-अलग कोर्सेस में एडमिशन के लिए कम्बाइंड एंट्रेंस एग्जाम फॉर बायोटेक्नोलॉजी (सीईईबी) १८ से 21 मई तक होगा। इसके जरिए छात्र 55 विवि के बायोटेक कोर्स में प्रवेश ले सकेंगे। परीक्षा जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी आयोजित करेगी।
कम्पीटिशन
55 80 हजार
यूनिवर्सिटी (लगभग) आवेदक
कोर्स ड्यूरेशन: हर कोर्स के लिए दो साल।
एलिजिबिलिटी
एमएससी बायोटेक और एमएससी (एग्रीकल्चर) बायोटेक के लिए बीएससी में 55 फीसदी अंक। अलग-अलग यूनिवर्सिटी के लिए अलग-अलग कट ऑफ मार्क्स। एमटेक बायोटेक के लिए बीएससी में 60 फीसदी अंक जरूरी। जिन छात्रों ने 2011 या उसके बाद बैचलर की परीक्षा दी हो, वही इसके लिए योग्य हैं।
रिजल्ट: जून 2013
फीस : हर यूनिवर्सिटी में बायोटेक के एमएससी और एमटेक कोर्स की फीस अलग है। जेएनयू में तीनों कोर्स की फीस प्रति सेमेस्टर करीब 40 हजार रु. है। वहीं वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में 75 हजार रु. प्रति सेमेस्टर है।
कम हो गया निवेश
नई सदी की शुरुआत में भारत में बायोटेक क्षेत्र में सालाना १क्क्क्-१५क्क् करोड़ रु. तक का निवेश दर्ज किया गया था जो 2013 में कम होकर करीब १३क् करोड़ रु. रह गया। विशेषज्ञों के मुताबिक इसके लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं।
इनटेक से दोगुना छात्रों की बनेगी मेरिट लिस्ट
रिजल्ट के बाद यूनिवर्सिटीÊा में इनटेक से दोगुना छात्रों की मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी। इसके बाद छात्रों को यूनिवर्सिटी में मौजूद सीटों के बारे में जानकारी दी जाएगी। छात्र अपनी पसंद की यूनिवर्सिटी की प्रिफरेंस बताएंगे। मेरिट लिस्ट के आधार पर उन्हें प्रवेश मिल सकेगा।
एग्जाम पैटर्न
तीन घंटे के एग्जाम में मल्टीपल चॉइस क्वेशचन रहेंगे। एमएससी बायोटेक और एमएससी एग्री बायोटेक में दो पार्ट्स होंगे। पहले पार्ट में सही जवाब के लिए एक अंक मिलेगा और गलत के लिए आधा अंक काटा जाएगा। दूसरे पार्ट में सही जवाब के तीन अंक मिलेंगे और गलत के लिए एक अंक कटेगा। एमटेक बायोटेक के टेक्नोलॉजी और लाइफ साइंस स्ट्रीम में तीन पार्ट होंगे। परीक्षा में 12वीं तक के फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायो और मैथ्स के साथ सीईईबी के सिलेबस के सवाल रहेंगे।
नॉलेज
खेती से शुरुआत हुई बायोटेक्नोलॉजी की
बायोटेक्नोलॉजी शब्द 1919 में हंगरी के इंजीनियर कार्ल एरेकी ने दिया। बायोटेक्नोलॉजी की शुरुआत नियोलिथिक रिवॉल्यूशन के दौरान हुई। तब कृषकों को समझ आया कि कुछ सूक्ष्म जीवाणुओं की मदद से हम बेहतर खेती कर सकते हैं। साथ ही खाद को फर्टिलाइज करके पेस्ट कंट्रोल और नाइट्रोजन रिस्टोर कर सकते हैं।
रोचक
फिल्मों में बायोटेक्नोलॉजी
- जुरासिक पार्क में लुप्त हो चुकी डायनासोर की प्रजातियों को दोबारा जीवित करने के लिए क्लोनिंग के बारे में बताया गया।
- एक्स-मैन में इंसानों में होने वाले जेनेटिक बदलाव यानी म्यूटेशन के बारे में जानकारी दी गई।
- स्पेसीज़ में दूसरे ग्रह के प्राणियों के जीन्स में होने वाले बदलाव को दर्शाया गया।
- दशावतारम में बायो वेपन्स और केऑस थ्योरी के बारे में जानकारी दी गई।
भास्कर एक्सपर्ट पैनल
प्रो. राजीव भट्ट
एडमिशन डायरेक्टर, जेएनयू
बायोटेक्नोलॉजी में भरपूर स्कोप
सीईईबी में बायोलॉजी और बीएससी बैकग्राउंड के प्रश्न आते हैं। इन कोर्सेज के छात्रों को कंपनियां सीनियर रिसर्च अधिकारी के तौर पर प्लेसमेंट देती हैं। क्योंकि बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी छात्रों के लिए लैबोरेटरी फील्ड, कंपनियों की रिसर्च लैब, सीएसआईआर, फार्मास्युटिकल क्षेत्र में देश और विदेश में काफी स्कोप है।
कई छात्र कंपनियों में वरिष्ठ अधिकारी पद पर कार्यरत है और विदेशों में प्राध्यापन का कार्य कर रहे हैं। करीब 55 विश्वविद्यालयों में एमएससी (बायोटेक्नोलॉजी), एमएससी (एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलॉजी), एमवीएससी(एनीमल बायोटेक्नोलॉजी) और एमटेक (बायोटेक्नोलॉजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीईईबी आयोजित की जाती है।