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PGDMCCU 2013: कलकत्ता यूनिवर्सिटी के मास कॉम कोर्स में प्रवेश के लिए परीक्षा

8 वर्ष पहले
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कलकत्ता यूनिवर्सिटी के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स इन मास कम्युनिकेशन के लिए छात्र 7 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 11 अगस्त को होगी।

कम्पीटिशन-

70 सीटें, 5 हजार आवेदक (लगभग), 1 साल कोर्स ड्यूरेशन

एलिजिबिलिटी-

किसी भी विषय में ग्रेजुएशन कर चुके छात्र। इस साल ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर की परीक्षा दे रहे छात्र भी आवेदन कर सकते हैं।

आयु सीमा: ३५ साल से कम।

रिजल्ट: 27 अगस्त 2013

फीस : मास कम्युनिकेशन के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स की फीस 12 हजार रुपए है। हालांकि, इग्नू के पीजी डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन कोर्स की फीस 3500 रुपए है।

एग्जाम पैटर्न- दो घंटे के टेस्ट में ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। इसमें करंट अफेयर्स, जनरल नॉलेज, रीजनिंग, कॉम्प्रिहेंशन के सवाल रहेंगे। हर प्रश्न का एक ही सही जवाब रहेगा। प्रश्नों के जरिये छात्रों का पर्सनालिटी टेस्ट भी लिया जाएगा। एग्जाम सिर्फ अंग्रेजी भाषा में होगी। गलत जवाब के लिए माइनस मार्किग नहीं की जाएगी।

सिलेक्शन प्रोसेस- एग्जाम क्वालिफाई करने वाले छात्रों की मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी। 29 अगस्त से प्रवेश प्रारंभ होगा और क्लासेस 16 सितंबर से होंगी।

महिलाओं के लिए पहला कॉलेज कलकत्ता यूनिविर्सिटी में ही बना: 1879 में देश का पहला गल्र्स कॉलेज- बेथून कॉलेज कलकत्ता यूनिवर्सिटी में ही बना। एशिया का पहला मेडिकल स्कूल था कलकत्ता मेडिकल कॉलेज। बाद में इसे भी यूनिवर्सिटी में शामिल कर दिया गया। इसके अलावा देश का पहला यूनिवर्सिटी म्यूजियम - आशुतोष संग्रहालय भी यहीं बना। यहां के पहली बैच के ग्रेजुएट्स में कवि बंकिमचंद्र चटर्जी और यदुनाथ बोस शामिल थे। अंग्रेजों के शासन के दौरान यहीं से ग्रेजुएशन करने वाली पहली महिलाएं थीं- चंद्रमुखी बसु और कादंबिनी गांगुली।

नॉलेज: जर्नलिज़्म से शुरुआत कर पहुंचे शीर्ष पर-

सलमान रश्दी: अपनी लेखनी से कई अवॉर्ड जीत चुके रश्दी करीब ४क् साल पहले जेडब्ल्यूटी ग्लोबल एड एजेंसी में कॉपीराइटर बनने के लिए इंटरव्यू में शामिल हुए थे। लेकिन उन्हें नौकरी के लायक नहीं समझा गया। इसके बाद उन्होंने कई एड एजेंसियों में फ्रीलांस कॉपीराइटिंग की। अमेरिकन एक्सप्रेस का मशहूर टैगलाइन ‘दैट विल डू नाइसली’ रश्दी ने ही बनाया था।

ह्यूग हेफनर: दुनिया के सबसे बड़े पब्लिसिंग कंपनियों में से एक के मालिक हेफनर भी मशहूर और अमीर बनने से पहले अपना खर्च चलाने के लिए एड एजेंसियों के लिए कॉपीराइटिंग करते थे। १९५१ में एस्क्वायर कंपनी के लिए कॉपीराइटिंग के बदले उन्हें प्रति सप्ताह 5क् डॉलर मिलते थे।

एफ स्कॉट फिट्जेराल्ड: द ग्रेट गेट्सबी के मशहूर अमेरिकी लेखक फिट्जेराल्ड जब २२ साल के थे, तब उनकी महिला मित्र ने एक शर्त रख दी थी। वह शादी करने को राजी थी, बशर्ते फिट्जेराल्ड दोनों का खर्च उठा सकें। इसके बाद वे जर्नलिज़्म करने न्यूयॉर्क गए। उन्होंने भी एड एजेंसियों के लिए कॉपीराइटिंग की थी।

रोचक: १३,९५५ शब्दों से बना है सबसे लंबा सेंटेंस-

- गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस में सबसे लंबा इंग्लिश सेंटेंस 13,955 शब्दों का है। यह जॉनाथन को की किताब द रॉटर्स क्लब में है।

- बास्किन रॉबिन्स आइसक्रीम के नाम का फैसला सिक्का उछाल कर लिया गया था। बर्ट बास्किन ने टॉस जीता और उनका नाम आइसक्रीम ब्रांड के लिए आगे रखा गया।

- कच्चे करौंदे भी जंपिंग बॉल की तरह उछल सकते हैं।

- नाज़ी सिर्फ एक पॉलिटिकल पार्टी ही नहीं है। स्वाहिली में नारियल को भी नाÊाी कहा जाता है।

इंटरेस्टिंग कोट

“Journalism is popular, but it is popular mainly as fiction. Life is one world, and life seen in the newspapers is another.” -Gilbert K. Chesterton

पत्रकारिता लोकप्रिय है, लेकिन कहानियों की तरह। हम जो जीवन जी रहे हैं वह अलग है और अखबारों में दिखने वाली दुनिया अलग।