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मंगलसूत्र-चुन्नी उतरवाने के बाद अब तलाशेंगे REET के लिए नया एग्जाम पैटर्न

5 वर्ष पहले
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जयपुर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से रविवार को हुई राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) के दौरान सांगानेर सहित कई केंद्रों पर परीक्षा देने आई छात्राओं से चुन्नी तक उतरवा ली गई । इसके बाद विवाद हुआ तो अब सरकार रीट के लिए नया एग्जाम पैटर्न तलाशने की तैयारी में है।
पेपर लीक व ऐसे विवादों को थामने के लिए आगामी रीट ऑनलाइन हो सकती है। इसके लिए सरकार इसका परीक्षण कराएगी। इसके बाद संभव हुआ तो इसे लागू किया जा सकता है। हालांकि बोर्ड का मानना है कि अभी उसके पास ऑनलाइन परीक्षा जितने संसाधन नहीं है।
नकल या पेपर लीक जैसे मामलों को रोकने में जब सरकार का सिस्टम नाकाम हो गया तो बोर्ड ने पहले तो सुहाग का प्रतीक माने जाने वाले मंगलसूत्र को पहनकर आने पर ही रोक लगा दी। विरोध हुआ तो इसे केवल जांच तक सीमित कर दिया। जब परीक्षा हुई तो सांगानेर सहित कई केंद्रों पर परीक्षा देने आई छात्राओं से चुन्नी तक उतरवा ली गई।
सरकार करें रेलवे जैसे इंतजाम : रेलवे भर्ती बोर्ड अजमेर द्वारा नॉन टैक्नीकल पॉपुलर कैटेगरीज (ग्रेजुएट) की भर्ती के लिए मार्च से मई के बीच ऑनलाइन भर्ती परीक्षा प्रस्तावित है। इस भर्ती के लिए आरआरबी को करीब 7 लाख आवेदन मिले हैं। बोर्ड के लिए यह परीक्षा ऑनलाइन कराना चुनौती बन गया है।
बोर्ड की ओर से प्रदेश के सभी 33 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बोर्ड प्रयास कर रहा है कि एक दिन में उसे 20 हजार कंप्यूटर मिल जाए। बोर्ड इस परीक्षा को तीन पारियों में कराने पर विचार कर रहा है। ऐसे में प्रतिदिन बोर्ड 60 हजार अभ्यर्थियों की ऑनलाइन परीक्षा कराई जा सकेगी। ऐसी स्थिति में 7 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा 10 से 15 दिन में पूरी की जा सकेगी।
आॅनलाइन पैटर्न- बोर्ड अध्यक्ष और मंत्री कहते हैं- असंभव है मगर करेंगे
सेंटर पर जांच करने वालों को सोचना चाहिए कि चुन्नी नहीं उतरवाएं : बोर्ड अध्यक्ष
बोर्ड अध्यक्ष प्रो. बीएल चौधरी से बातचीत-
Q. बोर्ड नकल रोकने के पुख्ता इंतजाम करने की बजाय कभी मंगल सूत्र पर तो कभी चुन्नी ओढऩे पर रोक क्यों लगाई?
मंगल सूत्र पहनकर आने का निर्णय वापस ले लिया था। चुन्नी पर हमने रोक नहीं लगाई। हमारा फोकस केवल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को रोकना था। यह सेंटर पर जांच करने वालों को सोचना चाहिए था कि चुन्नी नहीं उतरवाएं।
Q. बोर्ड को भविष्य में भी रीट का आयोजन करना है। क्या इसे ऑनलाइन करने पर विचार चल रहा है।
इस परीक्षा के लिए पौने नौ लाख ने आवेदन किया था। आने वाले सालों में यह संख्या इससे भी अधिक हो जाएगी। इतने अभ्यर्थियों के ऑनलाइन एग्जाम के लिए बोर्ड के पास संसाधन नहीं है। अगर ऑनलाइन कराते हैं तो यही एग्जाम कई महीने तक चलने की स्थिति आ जाएगी।
Q. बोर्ड नकल व पेपर लीक की घटना रोकने के लिए ऑनलाइन के अलावा अन्य किन विकल्पों पर विचार करेगा।
इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है कि ऐसा क्या सिस्टम हो सकता है। विशेषज्ञों से सुझाव लेंगे।
ऑनलाइन एग्जाम कराना संभव नहीं : शिक्षा राज्यमंत्री शिक्षा राज्यमंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी से बातचीत
Q. नकल व पेपर लीक जैसी घटनाएं रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है?
रीट में हमने रणनीति बनाई थी कि पेपर लीक करने वाले गिरोहों पर नजर रखी जाए। इसके लिए पुलिस को निर्देश दिए गए थे। यही कारण रहा कि रीट में पेपर लीक की घटना को अंजाम नहीं दिया जा सका और परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हो गई।
Q. आगे इस परीक्षा को ऑनलाइन करने पर सरकार क्या विचार कर रही है।
इतनी बड़ी संख्या में ऑनलाइन एग्जाम कराना संभव नहीं है। फिर भी हम इस सुझाव का परीक्षण कराएंगे कि इसे ऑनलाइन कैसे किया जा सकता है। अगर संभव हुआ तो इस सिस्टम को अपनाया जा सकता है।
रीट में परीक्षार्थियों की चुन्नी उतरवाने के मामले में महिला आयोग को ज्ञापन
सांगानेर थाने में रविवार को रीट में महिला परीक्षार्थियों से चुन्नी उतरवाने के दर्ज हुए परिवाद में सोमवार को पीड़ित पक्ष और प्रताप नगर सेंट जोसफ स्कूल प्रशासन के बयान दर्ज किए। इस संबंध में दिल्ली रोड भानपुर आमेर निवासी राजकुमार ने प्रताप नगर की सेंट जोसफ स्कूल प्रशासन के खिलाफ परिवाद दर्ज करवाया था।
इसमें आरोप लगाया था कि रीट देने के लिए प्रवेश करने पर स्कूल के प्रवेश द्वार पर लड़कों द्वारा महिला परीक्षार्थियों की जांच करवाई जा रही थी। लड़कों ने महिला परीक्षार्थियों की चुन्नियां उतारी। मामले को लेकर सांगानेर पुलिस जांच कर रही है। इधर, परिवादी राजकुमार और महिला संगठनों ने महिला आयोग व जिला कलेक्‍टर को ज्ञापन देकर स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की।
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