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इंजीनियरिंग एजुकेशन: 90% से ज्यादा स्टूडेंट्स कई रोल के लिए फिट नही

देशी संस्थान डिग्री के बावजूद इंजीनियरिंग छात्रों को रोजगार के लायक तैयार करने में अब भी कमजोर हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Feb 27, 2016, 01:06 PM IST

  • एजुकेशन डेस्क। देशी संस्थान डिग्री के बावजूद इंजीनियरिंग छात्रों को रोजगार के लायक तैयार करने में अब भी कमजोर हैं। पिछले साल के मुकाबले इसमें सुधार हुआ है, लेकिन अब भी 20 फीसदी से कम छात्र रोजगार के लिए उपयुक्त हैं। समस्या यह है कि अलग-अलग सेक्टर में विभिन्न भूमिकाओं की जरूरतों को ये पूरा नहीं कर पाते।

    युवाओं का पसंदीदा करियर है इंजीनियरिंग
    पिछले एक साल में इंजीनियरिंग की डिग्री लेने वाले देश के 80 फीसदी छात्र नौकरी के लायक नहीं हैं। एस्पायरिंग माइंड्स के नए सर्वे के अनुसार इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद 20 फीसदी से कम छात्र ही कॉर्पोरेट सेक्टर की जरूरतों को पूरा कर पाते हैं। बीते साल नैसकॉम के सर्वे में 18 फीसदी ग्रेजुएट्स को नौकरी के लायक बताया गया था। यानी एक साल में इसमें मामूली सुधार हुआ है। यह चिंताजनक इसलिए है, क्योंकि अन्य रिपोर्ट के अनुसार देश के 80 फीसदी से ज्यादा युवा इंजीनियरिंग को ही अपना करियर बनाना चाहते हैं।
    आगे की स्लाइड्स पर जानिए इंजीनियरिंग कोर्स से जुड़ी बाकी की जानकारियां...
  • टेक्निकल और सॉफ्ट स्किल की कमियां
    सिविल, मैकेनिकल और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में 90 फीसदी से ज्यादा ग्रेजुएट नौकरी के लिए तैयार नहीं हैं। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ग्रेजुएट्स प्रोग्रामिंग और अल्गोरिद्म में कमजोर हैं तो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के पास सॉफ्ट स्किल्स की कमी है। सर्वें के अनुसार सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में 49.28 फीसदी टेक्निकल स्किल और 52.21 फीसदी सॉफ्ट स्किल्स की कम के चलते खारिज हो जाते हैं।
  • 10 फीसदी छात्र भी फिट नहीं अलग-अलग भूमिकाओं में
    रोलअनएम्प्लॉएबिलिटी
    साफ्टवेयर इंजीनियर (आइटी प्रोडक्ट)96.33%
    इलेक्ट्रिकल डिजाइन इनजीनियर93.50%
    मेकेनिकल डिजाइन इंजीनियर94.45%
    सिविल डिजाइन इंजीनियर93.52%
  • पुरुषों और महिलाओं के बीच ज्यादा फर्क नहीं
    देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में लड़कों के मुकाबले लड़कियां काफी कम हैं, लेकिन रोजगार की संभावनाओं के बारे में दोनों के बीच खास फर्क नहीं है। अलग-अलग मापदंडों पर पुरुष थोड़े बेहतर हैं, लेकिन इसका कारण उनका बेहतर कॉग्निटिव स्किल है। वहीं, सॉफ्ट स्किल्स की ज्यादा जरूरत वाले नॉन टेक्निकल भूमिकाओं में महिलाओं को नौकरी मिलने की ज्यादा संभावना होती है।
  • नॉन टेक्निकल जॉब्स के लिए महिलाएं ज्यादा फिट
    रोलमेलफीमेल
    साफ्टवेयर इंजीनियर (आइटी प्रोडक्ट)95.48%97.29%
    साफ्टवेयर इंजीनियर (आइटी सर्विस)81.84%97.50%
    हार्डवेयर एण्ड नेटवर्किंग63.31%62.32%
  • फिर भी, वर्कफोर्स में पीछे हैं महिलाएं
    नौकरी की बराबर संभावनाओं के बावजूद इंजीनियरिंग वर्कफोर्स में महिला-पुरुष अनुपात 2.57 है। आईटी सर्विसेस सेक्टर में यह 3.54 है, जबकि अधिकतर कोर सेक्टर की इंडस्ट्री में उनका अनुपात 9 से 12 तक कम है। एक्सपर्ट्स के अनुसार इसका कारण कोर सेक्टर में काम का ज्यादा बोझ, एक से दूसरे जगह जाने की मजबूरी और हायरिंग की प्रक्रिया में पुरुषों को वरीयता देना है।
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