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Exam से पहले हर टॉपर क्या करता है? आप भी जान लीजिए उसकी ये 5 बातें

हर किसी के दिमाग में यही एक सवाल होता है कि आखिर वे लोग कौन होते हैं जो एग्जाम टॉप करते हैं?

Dainik Bhaskar

Mar 06, 2018, 04:48 PM IST
प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।

एजुकेशन डेस्क। सीबीएसई की बोर्ड एग्जाम शुरू हो चुकी है। हर कोई एग्जाम में अच्छा परफार्म करना चाहता है। लेकिन हर किसी के दिमाग में यही एक सवाल होता है कि आखिर वे लोग कौन होते हैं जो एग्जाम टॉप करते हैं? या दूसरे शब्दों में यह भी कह सकते हैं कि आखिर टॉपर्स ऐसा करते क्या हैं? यहां हम बता रहे हैं वे 5 काम जो हर टॉपर जरूर करता है :

1.आखिरी दिन कुछ भी नया नहीं पढ़ता :
हर टॉपर अपने सब्जेक्ट की पूरी पढ़ाई एग्जाम से पहले ही कर लेता है। वह ऐसा इसलिए करता है ताकि उसे एग्जाम के समय कोई नया नहीं पढ़ना पढ़ें। क्योंकि जो चीज पहली बार पढ़ी होगी, उसे एग्जाम पेपर में कॉन्फिडेंस के साथ लिख पाना मुश्किल होगा। तो टॉपर एग्जाम के आखिरी दिन या आखिरी घंटों में नया कुछ नहीं पढ़ता, क्योंकि उसकी तैयारी ही ऐसी होती है कि उसे नया पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती।

2. आखिरी दिन पूरा रिविजन जरूर करता है:
कई अच्छे स्टूडेंट साल भर अच्छी पढ़ाई करते हैं। इससे वे कॉन्फिडेंस में रहते हैं कि एग्जाम में वे अच्छा ही करेंगे। कॉन्फिडेंस में रहना अच्छा है, लेकिन ओवर कॉन्फिडेंस ठीक नहीं है। कई बार ओवर कॉन्फिडेंस में अच्छे स्टूडेंट भी अंतिम समय में रिविजन नहीं करते हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि आखिरी समय में नया नहीं पढ़ें, लेकिन रिविजन करना जरूरी है जिससे जो बातें याद हैं, वे और भी पक्की हो जाती हैं। टॉपर यही करते हैं। इससे एग्जाम हॉल में उनकी कलम पानी की तरह बहती है। इससे वे एग्जाम पेपर न केवल समय पर पूरा सॉल्व कर पाते हैं, बल्कि गलतियां भी कम या न के बराबर करते हैं।

3. पुराने साल के पेपर जरूर सॉल्व करता है :
टॉपर चाहे बोर्ड एग्जाम का हो या अन्य कॉम्पिटिटिव एग्जाम का, परीक्षा से पहले पिछले कुछ सालों के पेपर्स जरूर सॉल्व करता है। पुराने पेपर्स सॉल्व करने से कॉन्फिडेंस आता है। किस तरह के सवाल आते हैं, इसका पैटर्न भी पता चलता है। इससे अच्छे नंबर लाने में मदद मिलती है। इसी तरह टॉपर लेटेस्ट सैंपल पेपर भी जरूर हल करते हैं।

आगे की स्लाइड में जानिए, और क्या करता है टॉपर?

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।

4. प्री-बोर्ड एग्जाम को सीरियसली लेता है : 
बोर्ड के टॉपर्स प्री-बोर्ड एग्जाम को बहुत ही सीरियसली लेते हैं। उनका मानना है कि इससे उन्हें काफी फायदा हुआ। इसी तरह कॉम्पिटिटिव एग्जाम के टॉपर्स मॉक टेस्ट सीरीज में काफी समय देते हैं। इससे उनमें इस बात का भरोसा बढ़ता है कि वे किसी भी एग्जाम को क्रैक कर सकते हैं।


5. कठिन सवालों पर ज्यादा वक्त बर्बाद नहीं करता : 
कोई भी सफलता तब तक नहीं मिल सकती, जब तक कि बेहतर टाइम मैनेजमेंट नहीं किया जाए। वैसे तो टाइम मैनेजमेंट का ध्यान पूरे सालभर रखना चाहिए, लेकिन एग्जाम के अंतिम समय में यह और भी जरूरी हो जाता है। टॉपर्स न केवल साल भर टाइम मैनेज करके चलते हैं, बल्कि एग्जाम हॉल में भी इसका ध्यान रखते हैं। जैसे कठिन सवालों पर ज्यादा वक्त बर्बाद करने की बजाय उन पर ज्यादा समय लगाते हैं जिनमें वे 100 परसेंट मार्क ला सकते हैं। 

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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।
प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।
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