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जुकरबर्ग की वाइफ ने गरीब बच्चों के लिए खोला स्कूल, मुफ्त इलाज भी होगा

फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की पत्नी प्रिसिला वैसे तो मीडिया से दूर रहती हैं, पर एक अखबार को इंटरव्यू देते हुए उनके आंसू निकल आए।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 06, 2016, 10:43 AM IST

एजुकेशन डेस्क। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की पत्नी प्रिसिला वैसे तो मीडिया से दूर रहती हैं, पर एक अखबार को इंटरव्यू देते हुए उनके आंसू निकल आए। खुद मार्क जुकरबर्ग ने यह इंटरव्यू फेसबुक पर शेयर किया है। मार्क ने पिछले साल पिता बनने पर अपने 99 फीसदी शेयर चैरिटी में लगाने का ऐलान किया था। अब उनकी पत्नी प्रिसिला चान ने कैलिफोर्निया के ईस्ट पालो अल्टो में गरीब बच्चों के लिए मुफ्त स्कूल खोला है। यहां हेल्थ सेंटर भी होगा। इसमें बच्चों के माता-पिता का भी इलाज होगा। स्कूल में पढ़ाई अगस्त से शुरू होगी। 3 साल की उम्र से बच्चों को मिलेगा एडमिशन...
प्रिसिला सैन फ्रांसिस्को जनरल अस्पताल में बच्चों की डॉक्टर हैं। प्रिसिला चान के पास आज बेशुमार दौलत है, पर उनका बचपन कम चुनौतियों से भरा नहीं था। वैसे वह खुद तो हार्वर्ड में पढ़ी-लिखीं, पर उनके माता-पिता प्राइमरी स्कूल भी नहीं जा सके थे। वे वियतनाम से भागकर अमेरिका आए थे। स्कूल खोलने का ख्याल नया नहीं है। अपने स्कूली दिनों में उन्होंने जो कुछ देखा और समझा, यह उससे जुड़ा है। इंटरव्यू में उन्होंने बताया, ‘स्कूली पढ़ाई के बाद मुझे गरीब बच्चों को पढ़ाने का होमवर्क मिला। इनमें से कुछ गुटबाजी के शिकार थे। पढ़ाने से भी जरूरी इन्हें इस हिंसा के बुरे असर से बचाना था।
एक बार पार्क में एक बच्ची मिली। किसी ने उसका दांत तोड़ दिया था। एक बच्चा ऐसा भी मिला, जिसके चेहरे से खून निकल रहा था। तभी मुझे लगा कि ये होमवर्क किसी काम का नहीं, अगर ये बच्चे खुश ही नहीं हैं। उन्हें अपनी बस्ती में सुरक्षा ही न मिले या वे बीमार हों। प्रिसिला कहती हैं ‘गरीबी, परिवार टूटने और अनदेखी के कारण बच्चों के मानसिक विकास पर बहुत बुरा असर पड़ता है। यही वह विचार है, जो अब उनकी जिंदगी व करिअर को दिशा दिखा रहा है। समाज से जो मिला, अब उसे लौटाना है।’
प्रिसिला दुनिया के सबसे नामी बिजनेस लीडर से जुड़ी हैं। मगर उस दुनिया में भी खुद को आउटसाइडर मानती हैं। उनकी असल दुनिया अलग है। मां बनने से पहले ही वह एक ऐसा सिस्टम बनाने में जुटी थीं, जहां पढ़ाई और सेहत पर साझा काम हो। प्राइमरी स्कूल का विचार बरसों पहले यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में पढ़ते हुए आया था। प्रमुख लक्ष्य अपनेपन वाली शिक्षा देना और समाज को रोगमुक्त बनाना भी है। खुद मार्क ने भी अपनी पत्नी के स्कूल का लिंक फेसबुक पर शेयर कर उन्हें चीयर्स कहा है।
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